Saturday, March 14, 2026
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Delhi के आश्रम में ‘Ashram Web Series’ जैसी हकीकत, संचालक पर छात्राओं से यौन उत्पीड़न, फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट की कार जब्त

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: देश की राजधानी में एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान और आश्रम में उस समय हड़कंप मच गया, जब सामने आया कि यहां की छात्राओं का कथित तौर पर यौन, मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न किया जा रहा था। मामला दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च से जुड़ा है, जहां संचालक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर छात्राओं के साथ गंदे मैसेज भेजने, अभद्र भाषा के प्रयोग और शारीरिक संपर्क की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

संस्थान में 17 छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि आश्रम संचालक द्वारा ईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति पर पढ़ रही छात्राओं को बार-बार व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए अश्लील संदेश भेजे जा रहे थे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई।

अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 17 छात्राओं ने स्पष्ट रूप से आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें संस्थान की कुछ फैकल्टी और वार्डन द्वारा चुप रहने के लिए दबाव डाला गया।

पीठ ने आरोपी को किया बर्खास्त, पुलिस की जांच तेज

संस्थान के संचालन से जुड़ी दक्षिण भारत के प्रमुख मठ ‘श्री शृंगेरी शारदा पीठ’ ने आरोपी को आश्रम से निकाल दिया है और उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं। पीठ की ओर से बताया गया कि आरोपी की गतिविधियां पीठ के मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ थीं।

आरोपी फरार, आगरा में देखी गई आखिरी लोकेशन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में ट्रैक की गई है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वसंतकुंज (नॉर्थ) थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर IPC की संबंधित धाराओं और यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है।

कार से खुली फर्जीवाड़े की परतें

जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपी की वोल्वो कार, जो संस्थान के बेसमेंट से बरामद हुई, उस पर संयुक्त राष्ट्र (UN) की फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी थी — “39 UN 1″। जब पुलिस ने इसकी पुष्टि की तो पता चला कि यह नंबर पूरी तरह फर्जी है और यूएन से ऐसा कोई पंजीकरण नहीं हुआ है।

अब इस संबंध में पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के तहत एक और केस दर्ज किया है। कार और उससे जुड़ी एनवीआर व हार्ड डिस्क को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा गया है।

पुलिस का बयान

डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) ऐश्वर्या सिंह ने बताया “हमें अगस्त में शिकायत मिली थी और समय रहते एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। छात्राओं के बयान अदालत में 183 के तहत दर्ज हो चुके हैं। आरोपी अभी फरार है और उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश जारी है।”

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