जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जामिया रहमत (अरबिक कॉलेज) घघरौली में पंजाब बाढ़ पीड़ितों की सहायता को लेकर एक अहम सलाह मशवरा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आस-पास के कई गाँवों के जिम्मेदार लोग और मस्जिदों के इमाम बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाने की तैयारी और रणनीति बनाना था। मौलाना डॉ. अब्दुल मालिक मुगीसी ने कहा कि इंसानियत की सेवा इस्लाम का बुनियादी पैग़ाम है और जब भी कोई इंसान मुसीबत में हो, हमें उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।
मौलाना ने बताया कि जामिया रहमत ने हमेशा कठिन हालात में सेवा का काम किया है, चाहे कोरोना महामारी हो या अन्य मौके। उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ज़रूरी सामान भेजा जाएगा और लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार मदद जामिया में जमा करें।बैठक में घघरौली से चौधरी हाशिम, चौधरी नदीम, सादिक मिस्त्री, चौधरी यूनुस और चौधरी अब्दुल वाजिद मौजूद रहे, वहीं सलीमपुर गदा से मोहम्मद गुलफाम, मोहम्मद नौशाद, मशकूर और साबिर पहुँचे। चैंची से मोहम्मद अशरफ, रियाज़, नौशाद भाई और असलम प्रधान शामिल हुए तो पठान होरा से हाफिज़ शमीम, लियाकत अमीर साहब, चौधरी जाबिर, हाजी अतीक और मिस्त्री अमजद पहुँचे। भोजपुर से मोहम्मद फरहान, अब्दुर्रहमान, मज़कर, शुऐब और मिस्त्री फ़ुरकान शामिल हुए। जबकि दबकोरा से हाजी सलमान, हाजी नदीम और सफदर चेयरमैन बैठक में शामिल हुए। रसूलपुर से हाजी महरबान, ग़ालिब हसन और इरफ़ान भाई तथा टोडरपुर से चौधरी दिलशाद भी बैठक में उपस्थित रहे। इसके अलावा चौधरी रामू और उनके साथी भी इस मौके पर मौजूद रहे।

