जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को आसानी से जमानत मिल जाती है। अभिषेक बनर्जी ने इसे “भाजपा के नए भारत की सोच” करार दिया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मौजूदा समय में जांच एजेंसियां निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय राजनीतिक दबाव में इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ईडी और अन्य एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है।

ईडी अधिकारियों को धमकाने के आरोप पर भाजपा का पलटवार
इस बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईडी अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री एक निजी संपत्ति में उस समय पहुंचीं, जब वहां ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी कार्रवाई की जा रही थी। आरोप है कि वहां अधिकारियों से अभद्रता की गई और जरूरी दस्तावेज भी छीने गए। भाजपा का कहना है कि ईडी की यह रेड एक निजी कंपनी पर थी, जिसका संबंध कथित कोयला घोटाले से है।
#WATCH | Kolkata | TMC Chairperson and West Bengal CM Mamata Banerjee will lead a rally today against the Enforcement Directorate following the raid on I-PAC yesterday
— ANI (@ANI) January 9, 2026
Visuals from the 8B bus stand, Jadavpur pic.twitter.com/BkJ3x3fcT0
कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा
ईडी रेड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में भारी भीड़ और जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। हालात को देखते हुए अदालत को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
ईडी के खिलाफ सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में उस स्थान पर पहुंचीं, जहां से उन्होंने ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ मार्च की अगुवाई की। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल बंगाल सरकार को बदनाम करने और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा रहा है। कुल मिलाकर, ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव और तेज हो गया है, जिससे राज्य की राजनीति में उबाल साफ नजर आ रहा है।

