- डिप्टी सीएम ने किए दो दिन वेतन वृद्धि रोकने के आदेश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक ने मेरठ के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुधीर कुमार कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की है। उन्होंने डा. सुधीर के दो दिन के वेतन वृद्धि रोकने के आदेश किए। इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कटारिया ने सभी चिकित्साधिकारियों को निष्ठा, ईमानदारी और लगन से अपने दायित्व का निर्वह्न करने के निर्देश दिए। दरअसल, प्रदेश के कुछ चिकित्साधिकारियों के खिलाफ उप मुख्यमंत्री को शिकायतें की गई थीं।
डिप्टी सीएम ने अपने स्तर गोपनीय से जांच कराई। मेरठ के डिप्टी सीएमओ डा. सुधीर कुमार प्राइवेट चिकित्सकों और नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन करने, मलेरिया और डेंगू के सर्विलांस की जिम्मेदारी है। उप मुख्यमंत्री ने भदौही के दो चिकित्साधिकारियों और बरेली के एक चिकित्सकों के साथ साथ मेरठ के डिप्टी सीएमओ डा. सुधीर कुमार को कार्य में लापरवाही के लिए दोषी माना। डिप्टी सीएम ने डा. सुधीर कुमार के दो दिन वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। इस आदेश से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
उधर, सीएमओ डा. अशोक कटारिया का कहना है कि देर शाम तक उन्हें डिप्टी सीएम का आदेश नहीं मिला। आदेश मेल पर आया होगा, शुक्रवार को वह मेल चेक कराएंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सभी चिकित्साधिकारियों को निष्ठा, ईमानदारी और लगन से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा की रकम प्रधान के ससुर के खाते में
मेरठ: मनरेगा के तहत रोजगार पाने वाले मजूदरों को उनकी मजदूरी का भुगतार करने के बजाए सरकार द्वारा खाते में भेजी गयी रकम को गांव की प्रधान के ससुर के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले की जांच के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव ने दीपक कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी विकास खंड माछरा/पूर्व तैनाती विकास खंड परीक्षितगढ़ को गुरुवार को सस्पेंड कर दिया। उन पर प्रधान नीलम के साथ साज कर चौबीस लाख ग्यारह हजार रुपये के गबन का आरोप जांच में साबित हुआ है।
इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। अमरीश कुमार पुत्र ब्रजपाल सिंह निवासी ग्राम बली ने 2 दिसंबर, 2023 को इस संबंध में एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने वर्तमान प्रधान नीलम एवं सचिव/पंचायत अधिकारी दीपक कुमार द्वारा प्रधान के ससुर कालू राम के खाते में मनरेगा की रकम भेज दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। अमरीश कुमार ने यह शिकायत डीएम से की थी। सरकारी धन के गवन के इस मामले को देखते हुए डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच सौंपी थी।
अवर अभियंता रविंद्र कुमार ने ग्राम वली में पंचायत द्वारा कराए गए 10 कार्यों की जांच की। जांच में सभी कार्य दुरुस्त पाए गए। उन्होंने लोगों के बयान भी दर्ज किए, लेकिन उक्त कार्य की मजदूरी का भुगतान मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों के खाते में ना करके कालू राम जो प्रधान नीलम के ससुर हैं, उनके खाते में किया गया। इस संबंध में दीपक कुमार को सस्पेंड करने के साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है।
झूठा निकला हेलीकॉप्टर से छेड़छाड़ और लूट का मामला
मेरठ: परतापुर स्थित आंबेडकर हवाई पट्टी पर हैंगर में मौजूद हेलीकॉप्टर से छेड़खानी व उसके पाटर्स चोरी का मामला झूठा पाया गया। दरअसल, आरोप लगाने वाले पायलट का कंपनी के मालिक से लेनदेन का पुराना विवाद चल रहा है। पुलिस का कहना है कि पायलेट ने दवाब बनाने के लिए कंपनी मालिक के खिलाफ थाना परतापुर में झूठे आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी थी, लेकिन जब यह मामला तूल पकड़ा और एसएसपी के आदेश पर एएसपी अंतरिक्ष जैन जांच को पहुंचे तो मामला पूरी तरह से बेबुनियाद पाया गया।
उसके बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली। जांच में यह मामला आपसी लेन-देन का सामने आया है, जिस कंपनी को हेलीकॉप्टर बेचा था वहां के कर्मचारी हेलीकॉप्टर को अपने साथ ले गए थे। तहरीर देने वाले पायलट रविंद्र सिंह अक्टूबर 2023 तक सर्विएशन में पायलट थे। रविंद्र ने एसएसपी को की शिकायत में बताया कि इस फर्म में पार्टनर होने का भी दावा किया है कि कंपनी के मालिक कैप्टन जीसी पांडे के मुताबिक रविंद्र सिंह को पिछले साल कंपनी से निकाल दिया गया था।
उसके बाद रविंद्र ने शौर्य एयरोनॉटिक्स को ज्वाइन कर लिया। सर्विएशन के हेलीकॉप्टर और चार्टर विमान शौर्य एयरोनॉटिक्स के परतापुर हवाई पट्टी हैंगर पर मेंटेनेंस के लिए भेजे जाते हैं। उन्होंने भी अपना एक हेलीकॉप्टर परतापपुर हवाई पट्टी पर 10 मई को मेंटेनेंस के लिए भेजा था। इसी बीच कैप्टन जीसी पांडे ने हरियाणा के रोहतक निवासी उद्योगपति अतुल जैन को यह हेलीकॉप्टर बेच दिया।

