- दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर तुरंत कराएं जांच: डीटीओ
जनवाणी ब्यूरो |
सहारनपुर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में सोमवार से सक्रिय क्षय रोगी खोज (एसीएफ) अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान पांच मार्च तक चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत जनपद की 20 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी, अभियान शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्र में चलेगा। क्षय रोग विभाग की ओर से जो टीम बनाई गई हैं, वह घर-घर जाकर संभावित टीबी रोगी खोजेंगी।
यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. सर्वेश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अनाथालय, वृद्ध आश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय और जिला कारागार तथा उपकारागार देवबंद में सोमवार से शुरू किया गया अभियान 23 फरवरी तक चलेगा। इस विशेष अभियान के तहत एनटीईपी के कर्मचारी संभावित टीबी मरीजों का चिन्हीकरण करेंगे।
24 फरवरी से पांच मार्च तक दस दिवसीय विशेष अभियान के तहत एनटीईपी कर्मचारी, एएनएम, आशा द्वारा जनपद की 20 प्रतिशत जनसंख्या- (शहरी व ग्रामीण मलिन बस्ती तथा उच्च जोखिम क्षेत्र) में घर-घर स्क्रीनिंग करेंगी। इसके अलावा चिन्हित समूह-स्थल, सब्जी मंडी, फल मंडी, लेबर मार्केट, निमार्णाधीन प्रोजेक्ट, ईंट भट्ठों, स्टोन क्रशर, खदान, साप्ताहिक बाजार आदि में भी अभियान चलाया जाएगा।
एसीएफ अभियान के अंतर्गत खोजे जाने वाले संभावित क्षय रोगियों का पर्यवेक्षण- समीक्षा एवं मूल्यांकन किया जाएगा। एसीएफ अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर टीबी के साथ शुगर, एचआईवी के मरीजों की भी तलाश करेंगे। उन्होंने बताया-एसीएफ में मिलने वाले क्षय रोगियो का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे टीबी मरीज की पहचान कर समय से उपचार शुरू किया जा सके।
समय पर टीबी मरीज की पहचान और उपचार शुरू होने से मरीज के संपर्क में आने वाले लोग संक्रमण से बच जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने से निकलने वाली बूंदों के सम्पर्क में आने से फेफड़ों की टीबी फैलती है।
डॉ. सर्वेश सिंह का कहना है कि दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी-बुखार, खांसी आते समय सीने में दर्द होना, बलगम में खून आना, कमजोरी एवं थकावट महसूस होना, भूख न लगना, लगातार वजन का कम होना, सोते समय अधिक पसीना आना आदि लक्षण हों तो टीबी की जांच जरूर कराएं।
हर माह की 15 तारीख को मनाये जाने वाले एकीकृत निक्षय दिवस पर भी टीबी की जांच करायी जा सकती है। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर तुरंत उपचार शुरू कर देना चाहिए जिससे जल्द से जल्द टीबी से छुटकारा मिल सके।

