Friday, March 20, 2026
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एडीजी, आईजी और एसएसपी ने परखीं कांवड़ यात्रा मार्ग की तैयारियां

  • रविवार को पुलिस के दोनों बड़े अधिकारी कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण करने को पहुंचे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: 22 जुलाई से शुरू होने जाने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर नहर पटरी कांवड़ मार्ग कितना तैयार है, इसका जायजा लेने को रविवार को एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी नचिकेता झा व एसएसपी विपिन ताडा कांवड़ पटरी मार्ग निरीक्षण को पहुंचे। दरअसल, जनवाणी ने कांवड़ पटरी मार्ग को लेकर लगातार अधिकारियों का ध्यान दिलाया है। इसी क्रम में रविवार को पुलिस के दोनों बड़े अधिकारी कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण करने को पहुंचे।

जनवाणी ने बताया था कि कांवड़ यात्रा मार्ग नहर पटरी पर तैयारियों के नाम पर अभी तक केवल आधा अधूरा पेंचवर्क किया गया है। यह पेंचवर्क भी ऐसा है कि भारी बारिश में ज्यादा देर तक टिक नहीं पाएगा। वहीं, दूसरी ओर आगामी त्योहारों एवं श्रावण मास कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत एडीजी डीके ठाकुर, आईजी नचिकेता झा एवं एसएसपी डा. विपिन ताडा द्वारा जनपद के कांवड़ मार्गों का भ्रमण किया गया

तथा कांवड़ मार्गों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कांवड़ मार्ग के महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल कैम्प, कांवड़ियों के रुकने एवं विश्राम, जलपान, यातायात, सुरक्षा व्यवस्था कांवड़ मार्ग पर स्थित टोल पर आवश्यक सुगम यातायात के लिए उचित ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए हैं।

कांवड़ियों के लिए होगा अलग वार्ड

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त की तबीयत बिगड़ने पर या दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है। जिला अस्पताल में कांवड़ियों के लिए अलग वार्ड आरक्षित रहेगा। इमरजेंसी वार्ड में हर वक्त दो-दो डाक्टर तैनात रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग 30 जगह शिविर लगाएगा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सक तैनात रहेंगे। 20 एम्बुलेंस भी कांवड़ियों के रूट पर तैनात रहेंगी। प्राइवेट नर्सिंग होमों में भी पांच-पांच बेड कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।

कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू होगी और दो अगस्त को संपन्न होगी। इस दौरान मेरठ के अलावा, हापुड़, बुलंदशहर, हाथरस, फिरोजाबाद, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम, राजस्थान के भरतपुर, दौसा आदि जनपदों के करोड़ों शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, गंगोत्री, गोमुख से पवित्र गंगाजल लेकर मेरठ से गुजरते हैं। कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं। बड़ी संख्या में शिवभक्त बीमार हो जाते हैं और बड़ी संख्या में शिवभक्त दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं।

ऐसे शिवभक्तों को तुरंत फर्स्ट ऐड देने के लिए स्वास्थ्य विभाग एनएच-58 पर मेरठ की सीमा पर गांव दादरी से लेकर मोहिउद्दीनपुर तक और रुड़की रोड पर मोदीपुरम फ्लाईओवर से लेकर परतापुर फ्लाईओवर तक तथा हापुड़ रोड पर खरखौदा तक और गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर करीब 30 चिकित्सा शिविर लगाएगा। जहां कांवड़ियों के दवा व मरहम पट्टी आदि की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि कांवड़ियों के मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग 30 चिकित्सा शिविर लगाएगा।

20 एम्बुलेंस को तैनात किया जाएगा। सभी सीएचसी व पीएचसी पर रात दिन चिकित्सक तैनात रहेंगे। जिला अस्पताल में 10 बेड का एक वार्ड कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा। इमरजेंसी वार्ड में दो-दो चिकित्सक हर समय तैनात रहेंगे। कांवड़ियों के मार्ग पर स्थित नर्सिंग होमों में भी कांवड़ियों के लिए पांच-पांच बेड आरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी।

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