- दिल्ली रोड पर पशुचर-आबादी की भूमि पर कब्जे चिह्नित
- जनपद में तालाब, पशुचर व ऊसर भूमि पर कब्जे
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: प्रशासन को जानकारी है कि पशुचर भूमि, आबादी, ऊसर व तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे कर निर्माण किया गया है। शहर में दिल्ली रोड पर पशुचर व आबादी में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा चिह्नित होने तथा कागजी कार्रवाई के बाद प्रशासन अवैध कब्जा हटवाने में दो कदम पीछे खींच रहा है।
वहीं तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे कर वहां खेती करने तथा अब प्लाटिंग किए जाने का एक अन्य मामला सामने आया जिसमें एक मौजूदा सभाासद ने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन इस मामले में भी अधिकारी हीला-हवाली करते नजर आया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दे रखे हैं। खासकर पशुचर भूमि पर गौशालाएं व चारे की व्यवस्था कराने तथा तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराने के शासन स्तर से सभी जनपदों में आदेश दिए गए हैं।
जनपद प्रशासन ने भी शासन के आदेशानुसार जनपद में अवैध कब्जे चिह्नित कर फाइल तैयार कर ली है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक शामली शहर में ही दिल्ली रोड पर खाता संख्या 00912 पशुचर भूमि पर 0.2660 हैक्टर 00921 आबादी भूमि पर 0.1230 और ऊसर भूमि 0.8090 पर अवैध कब्जा मिला है। इस बेशकीमती भूमि पर फैक्ट्री, रिहाइश, दुकानें आदि निर्माण किया गया है।
अवैध कब्जे में तीन लोगों के नाम भाी सामने आए हैं जिनका पूरा रिकार्ड प्रशासन ने फाइलों में कैद कर लिया। ऐसा भाी नहीं की अधिकारियों ने वहां पहुंचकर इन अवैध कब्जों की जांच नहीं की हो। जांच हुई, फाइल तैयार हुई लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर प्रशासनिक अमला दो कदम पीछे ले गया। अब प्रशासनिक अधिकारी राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कार्रवाई नहीं कर रहे हैं या फिर कोई अन्य बात है यह तो प्रशासन ही जाने?
तालाब की भूमि कब्जामुक्त कर पालिका को सौंपे
नगर पालिका परिषद शामली के वार्ड 22 के सभाासद आशुतोष पंवार ने एसडीएम शामली को शिकायती पत्र देकर बताया कि शामली के खसरा 670 पूर्व में तालाब का खसरा नंबर था जिसे अवैध तरीके से फसल बोलकर अवैध कब्जा कर रखा था। जिसमें अब प्रोपर्टी डीलरों द्वारा प्लाटिंग की जा रही है। सभाासद आशुतोष पंवार ने अधिकारियों से मांग की है कि तालाब के खसरा नंबर की जांच की जाए तथा अवैध कब्जा हटवाकर इस भूमि को नगर पालिका के अधीन दी जाए।

