- पुलिस ने नगर निगम को उपलब्ध कराए फोटो और विवरण
ज्ञान प्रकाश |
मेरठ: 20 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई व्यापक हिंसा के दौरान जिन लोगों ने हापुड़ रोड स्थित इस्लामाबाद चौकी को जला दिया था अब उनसे वसूली के लिये अभियान शुरु होने वाला है। लिसाडीगेट पुलिस ने नगर निगम को जली हुई पुलिस चौकी की फोटो व विवरण उपलब्ध करा दिये हैं।
20 दिसंबर 2019 को एनआरसी के विरोध में मेरठ में जबरदस्त हिंसा भड़क गई थी। ब्रहमपुरी, लिसाड़ीगेट, कोतवाली और नौचंदी थाना क्षेत्रों में हुई व्यापक हिंसा में करोड़ों रुपये के सरकारी सामान नष्ट कर दिये गए थे। इस दंगे में छह लोग मारे गए थे और सैंकड़ों लोग घायल हुए थे। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडेय समेत तमाम पुलिसकर्मी और आरएएफ कर्मी भी पथराव आदि में घायल हुए थे।
करीब चार घंटे तक शहर आग के हवाले हो गया था। उपद्रवियों ने गोलाकुंआ के मोड़ पर स्थित इस्लामाबाद पुलिस चौकी को पूरी तरह से जलाकर राख कर दिया था। इसमें पुलिस के तमाम कागजात आदि जलकर राख हो गए थे। पुलिस प्रशासन पर पथराव करने के साथ गोलियां चलाई थीं। पांच दिन बाद 25 दिसंबर 2019 को पुलिस के हाथ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लगी थी।
जिसमें लिसाड़ी गेट में उपद्रवी गोली चलाते दिखाई दे रहे थे। एक उपद्रवी पिस्टल व दूसरा तमंचे से गोली चला रहा है। गोली चलाते एक उपद्रवी की पहचान फैसल निवासी करीमनगर नौचंदी के रूप में पुलिस ने की है। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। पुलिस के अनुसार फैसल गली से निकलकर तमंचे से गोली चला रहा था। फैसल के अलावा दो और आरोपी पहचाने गए हैं, जो गोली चला रहे थे।
प्रशासन ने दंगाग्रस्त इलाकों में तोडकर गिराये गए डिवाइडरों और दुकानों के शटर तोड़ने आदि में शामिल लोगों की जांच पड़ताल करवा कर एलबम बनवा ली है। उसके आधार पर पुलिस लोगों को पकड़ कर कार्यवाही कर रही है। दंगे के के आरोप में 180 लोग नामजद और 225 उपद्रवी चिन्हित किये गए थे।
इंस्पेक्टर लिसाडीगेट उत्तम सिंह राठौर ने बताया कि जली हुई इस्लामाबाद पुलिस चौकी मुआवजे के लिये नगर निगम को पत्र लिखा गया था। कहा गया था कि नगर निगम के पास पुरानी पुलिस चौकी के संबंध में न फोटो है और न रिकार्ड उपलब्ध है। पुलिस ने काफी प्रयास के बाद फोटो आदि ढूंढ कर नगर निगम को भेज दिया है। नगर निगम चौकी को ओके रिपोर्ट देकर पुलिस आरोपियों के यहां से चौकी बनाने में आए खर्च को लेकर सकारात्मक रवैया बन रहा है।

