जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जैसे-जैसे त्योहार करीब आ रहे हैं, शहर की मिठाई और डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ गई है। लेकिन इसके बीच नकली मिठाई, पनीर और दूध के प्रोडक्ट बड़े पैमाने पर बन रहे हैं, जिससे जनता का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है। नागरिकों का कहना है कि सबको पता है कि नकली उत्पाद बन रहे हैं, लेकिन खाद्य विभाग की कार्रवाई अक्सर केवल बड़ी शिकायत मिलने पर होती है। इसके चलते त्योहार के समय तक ये मिलावटी उत्पाद बाजार में बिक जाते हैं और मिलावटखोरों को भारी कमाई होती है।
सूत्रों का कहना है कि खाद्य विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों द्वारा भी कथित रूप से हर महीने नकली उत्पाद बनाने वालों से सलामी वसूल की जाती है, जिससे निगरानी और कार्रवाई कमजोर होती है।
गौरतलब है कि सहारनपुर के गंगोह, इस्लामनगर, रामपुर, मनिहारान, ननौता, बेहट, बिहारीगढ़, छुटमलपुर और शहरी इलाके नकली पनीर और दूध बनाने के हब बन चुके हैं। पहले भी कई बार छापेमारी और सैंपलिंग की गई है, लेकिन त्योहार के समय पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो पाती।शहरवासियों की मांग है कि खाद्य विभाग तुरंत सघन अभियान चलाए, मिठाई और डेयरी उत्पादों के नमूने मौके पर जांचे जाएँ और दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर लाइसेंस रद्द किया जाए, ताकि जनता का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
क्या बोले अधिकारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनंजय शुक्ला का कहना था कि विभागीय टीम लगातार मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान चला रही है। नियमित रूप से विभाग की टीम द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। मिलावटखोरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी के पास इस संबंध में कोई जानकारी है तो वह कार्यालय में संपर्क कर सकता है।

