Sunday, March 29, 2026
- Advertisement -

रालोद के दांव के बाद सपा और बसपा के चेहरे का इंतजार

  • लोकसभा चुनाव में रालोद व एनडीए गठबंधन ने जाट चेहरे पर खेला है दांव
  • सपा ने पूर्व प्रत्याशी मनोज चौधरी को बना रखा है लोकसभा प्रभारी, प्रत्याशी की घोषणा नहीं
  • बसपा के प्रत्याशी पर भी रहेगी नजर, मुस्लिम व गुर्जर चेहरों पर चल रहा विचार

अमित पंवार |

बागपत: लोकसभा चुनाव में जातिगत समीकरणों को साधने के प्रयास में पार्टियों ने अपने चेहरे उतारने शुरू कर दिए हैं। रालोद-एनडीए गठबंधन ने यहां जाट चेहरे के रूप में डॉ. राज कुमार सांगवान पर दांव चला है। परंतु अभी सपा और बसपा के चेहरे का इंतजार बढ़ गया है। क्योंकि यहां राजनीतिक समीकरण तभी तय किए जाएंगे जब दोनों पार्टियों के चेहरे चुनावी मैदान में होंगे।

उसके बाद ही यहां से हार जीत का गुणाभाग किया जाएगा। क्योंकिं सपा भी यहां जाट चेहरे को उतारने की तैयारी में है। बसपा यहां से मुस्लिम या गुर्जर पर विचार कर रही है। हालांकि ब्राह्मण प्रत्याशी को लेकर भी यहां दोनों दलों की ओर से विचार है। देखना यह है कि वह किसे यहां से उतारते हैं और क्या समीकरण बैठते हैं? क्योंकि चुनावी राह किसी की भी आसान नहीं है।

रालोद ने एनडीए के साथ गठबंधन का ऐलान करने के बाद अपने दो प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा ने पहली सूची में बागपत व बिजनौर को खाली छोड़ा था। इन दिनों ही सीटों पर रालोद ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। रालोद ने यहां जाट चेहरे पर दांव चला है, जबकि समाजवादी पार्टी और बसपा की ओर से अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं।

कांग्रेस पहले ही समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में है। कांग्रेस व सपा का यहां एक प्रत्याशी आएगा। सपा के खाते से यहां जाट चेहरे पर दांव चलने की संभावनाएं अधिक है। सपा ने हाल ही में लोकसभा प्रभारी के रूप में जाट चेहरे पूर्व प्रत्याशी मनोज चौधरी को जिम्मेदारी दी थी। उसके बाद वह लगातार लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय है। इसके अलावा कई जाट नेताओं ने सपा हाईकमान से संपर्क साध रखा है।

सपा यहां से अगर जाट चेहरे पर दांव लगाती है तो जाट वोटरों में बिखराव की संभावना से इंकार करना मुश्किल हो जायेगा। क्योंकि वोटों का ध्रुवीकरण होने की उम्मीद रहेगी। इसके अलावा बसपा के चेहरे पर भी सबसे अधिक नजर रहेगी। क्योंकि बसपा यहां से 2012 में दो विधानसभा सीटें जीत का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। सूत्रों की माने तो बसपा यहां से गुर्जर व मुस्लिम चेहरे पर विचार कर रही है। यही नहीं आम आदमी पार्टी भी यहां अपना प्रत्याशी उतारेगी।

बताया जाता है कि आप की ओर जाट चेहरा भी उतार जा सकता है। देखा जाए तो रालोद ने यहां सबसे पहले अपना प्रत्याशी घोषित किया है। अब सपा, बसपा, आप के चेहरों पर नजर टिक गई है। क्योंकि चुनाव में इस बार वोटो का बिखराव हो सकता है। तीनों पार्टियों के प्रत्याशी अगर अलग अलग जाति से आए तो यहां मुकाबला कांटे का होगा। किसी की भी राह आसान नहीं होगी। अब देखना यह है कि तीनों पार्टियों की ओर से किस किस बिरादरी पर भरोसा जताया जाएगा।

रालोद की राह नहीं आसान
बागपत लोकसभा सीट पर भले ही रालोद ने यहां से एक साधारण कार्यकर्ता को टिकट देकर जनता के बीच एक संदेश देने का काम किया हो लेकिन यहां रालोद की राह आसान नहीं है। रालोद को किसान आंदोलन में किसानों के गुस्से का सामना भी करना पड़ सकता है। क्योंकि रालोद अब भाजपा से हाथ मिला चुकी है और किसान भाजपा से नाराज चल रहे है। इसके अलावा मुस्लिम वोटर भी खिसक सकता है। वह सपा में जा सकता है। देखा जाए तो यहां रालोद के लिए यह चुनाव इतना आसान नहीं है। जितना सोचा जा रहा है। अभी सपा, बसपा, आप के चेहरे आने के बाद समीकरण बदलते दिखाई दे सकते है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Kerala Elections: पीएम मोदी ने केरल में किया शंखनाद, पलक्कड़ रैली के बाद त्रिशूर रोड शो की तैयारी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, रविवार...

भविष्य की सुपरस्टार हैं आयशा खान

एक्ट्रेस आयशा खान ने साल 2025 में फिल्म 'जाट'...
spot_imgspot_img