- सपा में हर नेता अपने को बता रहा ईमानदार
- कई पूर्व मंत्रियों और विधायकों के वीडियो हो रहे हैं वायरल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जीती हुई बाजी हारने के बाद अब हार का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ने की रस्साकशी चल रही है। यह सब काम भी करीने से पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कर रहे हैं। जिनके जिम्मे इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब यह नेता दूसरे नेता की वीडियो वायरल कर अपने को पाक साफ बता रहे हैं। हर नेता इस कोशिश में है कि सपा अध्यक्ष के सामने उनकी छवि साफ सुथरी बनी रहे। पार्टी की इस फजीहत की रिपोर्ट सपा अध्यक्ष तक पहुंच चुकी है। मना जा रहा है, मामले में बड़े स्तर पर भी कई नेताओं पर कार्रवाई होगी।
मेरठ सीट पर आजादी के बाद से समाजवादी पार्टी का कभी भी खाता नहीं खुल सका है। यहां सपा कभी तीसरे और कभी चौथे नंबर पर ही सिमटकर रह गई। हां 2019 के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन होने की वजह से बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी दूसरे नंबर पर रहे तथा भाजपा प्रत्याशी को भी बहुत ही मामूली वोटों के अंतर से जीत हासिल हो सकी। इस बार हवा का रुख इंडिया गठबंधन के लिए बना हुआ था। यही रुख भांपकर इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी ने मेरठ सीट अपने पास रखी।
दलित-मुस्लिम गठजोड़ बिठाते हुए यहां से दलित कोटे से पूर्व महापौर सुनीता वर्मा को टिकट दिया गया। समीकरण भी ऐसे बैठ रहे थे कि सुनीता वर्मा को आसानी से जीत मिल जाये। काफी अच्छा चुनाव लड़ा और बहुत कम अंतर से हार गर्इं। हार के बाद अब समाजवादी पार्टी में एक-दूसरे को नीचा दिखाने का खेल शुरू हो गया है। यह खेल भी वही नेता कर रहे हैं। जो खुद टिकट पाने के दावेदारों में थे।
एक पूर्व मंत्री का इन दिनों वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें यह नेता खुलकर कह रहे हैं कि सुनीता वर्मा किसी भी हालत में न जीते। एक विधायक का भी वीडियो चर्चा में हो रहा है। जिसमें यह विधायक खुलकर चेतावनी दे रहे हैं कि जीतने से हमारी स्थिति कमजोर हो जायेगी।
बूथ पर शत प्रतिशत सपा को मिलीं 776 वोट
जहां एक ओर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी सुनीता वर्मा को अपने पक्ष में माहौल होने के बाद भी हार नसीब हुई। वहीं मेरठ दक्षिण में आरटीओ कार्यालय पर बने बूथ संख्या-255 पर सपा प्रत्याशी को एकमुश्त शत-प्रतिशत 776 वोटें हासिल हुर्इं। सैफी बाहुल्य इस क्षेत्र में सुनीता वर्मा व योगेश वर्मा ने एक ही बार मतदाताओं के बीच पहुंचकर दस्तक दी थी।
सपा अध्यक्ष हुए नाराज, कतरेंगे कई के पर
जीत के समीकरण और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टिकट वितरण के बाद भी हार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पचा नहीं पा रहे हैं। सबसे बड़ी दुर्गति यह हुई है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ सीट पर आपसी गुटबंदी खत्म करने के लिए कई बार संदेश भेजा। इसके बाद भी गुटबंदी में ही सुनीता वर्मा की हार हुई।

