Friday, March 20, 2026
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सजा के बाद जेल में जागकर कटी इजलाल और शीबा की पहली रात

  • तिहरे हत्याकांड में सजा पाने वाले सभी कैदियों को रखा गया एक ही बैरक में

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आजीवन कारावास की सजा के बाद जेल में इजलाल व शीबा की पहली रात जागकर कटी। तिहरे हत्याकांड में सजा पाने वाले सभी कैदियों को एक ही बैरक में रखा गया है। हालांकि सोमवार की रात इजलाल व बाकी अन्य की रात जेल की मुलाहजा बैरक में गुजरी। सोमवार की शाम को एंटी करप्शन कोर्ट के जज पवन शुक्ला द्वारा शीबा सिरोही व इजलाल अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद जब इजलाल कुरैशी, अफजाल, महराज, कल्लू, इजहार, मन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन को कड़ी सुरक्षा के बीच कचहरी से जिला कारागार पहुंचाया गया तो जेल के गेट या बाकी स्टाफ में तो कोई खास सुगबुगाहट या उत्सुकता नहीं देखी गयी। लंबा अरसा जेल में गुजारने वाले इजलाल को पूरा स्टाफ पहचानता है।

एक आध ने जरूर पूछा कि क्या रहा तो सिर्फ इतना आजीवन कारावास इतना कहकर मुलायजा बैरक की ओर बढ़ गया। सूत्रों ने जानकारी दी कि जिनसे अच्छी दुआ सलाम है, उन्होंने पहुंचते ही इजलाल को घेर लिया। कोर्ट में क्या हुआ उसको लेकर सभी के मन में तमाम सवाल थे। वहीं, इस संबंध में चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विरेश राज शर्मा ने बताया कि सोमवार की रात सजायाफ्ता सभी बंदी मुलाहजा बैरक में रखे गए। उनके खाने व डाइट का जहां तक सवाल है तो सामान्य बंदियों वाली डाइट दी गई। उन्होंने कितना खाया इसका लेखा जोखा उनको आजीवन कारावास वाले बंदियों के साथ रखने के बाद रखा जाएगा। स्वास्थ्य की नियमित जांच करायी जाएगी।

इजलाल और शीबा ने नहीं खाया खाना

सजा सुनाने के बाद कोर्ट से जिस वक्त इजलाल और शीबा जेल पहुंचे, उसके कुछ देर बाद वहां कैदियों के लिए खाना पहुंचना शुरू हो गया। बताया जाता है कि इजलाल ने अपनी डाइट तक नहीं ली। जब मुलाहजा के बाकी के बंदियों ने बैरक बंद होने के बाद रात का अपना खाना शुरू किया तो इजलाल को जबरन अपने साथ बैठा लिया। अनमने ढंग से एक-दो कोर खाकर इजलाल वहां से उठ गया।

वारंट के बाद बदली जाएगी बैरक

एसपी जेल विशेष शर्मा ने बताया कि सजा पाए सभी कैदियों की सजा के बाद जेल में पहली बार सामान्य बंदी जो मुलाहजा बैरक में रखे गए थे। उन्हीं के साथ रात गुजरी। उन्होंने बताया कि सजा पाने वालों को कोर्ट से एक वांरट आता है। वो वारंट या तो आज शाम या फिर बुधवार सुबह आ जाएगा। कोर्ट से सजा का आर्डर जिसको वारंट बोला जाता है उसके बाद ही मुलाहजा बैरक से इन्हें दूसरी बैरक में शिफ्ट किया जाएगा।

सजायाफ्ता बैरक में रहेंगे सभी

जिला कारागार में आजीवन सजायाफ्ता फिलहाल 106 बंदी पहले से हैं। इजलाल व अन्य के पहुंचने के बाद यह संख्या बढ़कर 114 हो जाएगी। जेल अधीक्षक ने बताया कि बैरक में शिफ्ट होने के बाद ही इनको सजायाफ्ता कैदियों के वक्त दिये जाएंगे।

बैरक में गुमसुम रही शीबा

अदालत से जेल तक का सफर शीबा सिरोही ने इजलाल व उसके साथियों के साथ पुलिस की बंदियों को लाने ले जाने वाली गाड़ी में तय किया। वहां से उसको महिला बैरक में ले जाया गया। महिला बैरक में जो उसके करीब की महिला बंदी थीं, उन्होंने पहुंचते ही शीबा को हाथों हाथ लिया। उससे पूछा कि क्या रहा। बताया जाता है कि यह सुनते ही वह सुबकने लगी। उसको किसी प्रकार संभाला गया। उसने खाना भी नहीं खाया। रात भर गुमसुम बैठी रही। हालांकि मंगलवार सुबह उसने चाय जरूर ली।

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