- अक्षय तृतीया पर रहता है अबूझ मुहूर्त, 50 साल ग्रहों का बन रहा खास संयोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अक्षय तृतीया बैसाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। इस बार यह शुभ तिथि आज पड़ रही है। अक्षय तृतीया वाले दिन जहां लोग सोने-चांदी के आभूषण खरीदते हैं। वहीं इस दिन बिना सूझे होने वाली शादियों की भी पूरे शहर में धूम रहती है। यानि इस दिन बिना मुहूर्त देखे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन नए कार्य की शुरुआत करना बेहद शुभ माना जाता है।

बता दें कि दो साल कोरोना के चलते अक्षय तृतीया पर सहालग की धूम नहीं हो सकी थी, लेकिन इस वर्ष अक्षय तृतीया पर शहर में 500 से अधिक शादियां होने की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में शहर का शायद ही कोई इलाका बचेगा जहां बैंडबाजे की धुन पर बराती थिरकते नजर न आए। शादियों के लिए होटल, मंडप आदि में बुकिंग पहले ही हो चुकी है। राधा गोविंद मंडप के मालिक मनोज कुमार ने बताया कि शहर से लेकर देहात तक जबरदस्त बुकिंग है। धर्मशालाओं और पार्कों में भी टेंट लगाकर विवाह समारोह होंगे।
शुभ योग में करे भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा
ज्योतिषाचार्य अमित गुप्ता के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। इस दिन किया गया दान भी अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है और भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने से सभी पर मां की कृपा बनी रहती है।
इतना ही नहीं इस वर्ष अक्षय तृतीया पर दुर्लभ मंगल रोहिणी योग में 50 वर्षों के बाद शोभन योग भी बन रहा है। दो ग्रह उच्च राशि में और दो प्रमुख ग्रह स्वमं की राशि में स्थिति है। इस दिन पांच ग्रहों का अनुकूल स्थिति में होना भी खास है। पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन से त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन हुआ था। इस दिन गंगास्नान करने का विशेष महत्व होता है।

