जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुखिया मुकेश सहनी को करारा झटका लगा है। पार्टी के सभी तीनों विधायकों ने बुधवार को भाजपा को समर्थन देने का एलान कर दिया। इन तीनों विधायकों में मिश्री लाल यादव, राजू सिंह और स्वर्णा सिंह शामिल हैं। अब मंत्री मुकेश सहनी अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं। बिहार के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि वीआईपी के तीनों विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। कोई नाराजगी नहीं है, वे अभी-अभी अपने घर लौटे हैं।
उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सहनी के प्रत्याशी उतारने के बाद उनकी भाजपा से तनातनी चल रही थी। हाल में खुद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने को एनडीए से दरकिनार किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि विरोधी हमारी बढ़ती शक्ति से परेशान हैं।
दरअसल, 2020 में सहनी बिहार में महसगठबंधन का हिस्सा था, लेकिन सीट के बंटवारे के दिन वे नाराज हो गए थे और नाराज होकर एनडीए में शामिल हो गए थे। उस वक्त सहनी ने तेजस्वी यादव पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था। इसके बाद चुनावों में वीआईपी ने चार सीटें जीती थी।
इस बीच बोचहां सीट से वीआईपी विधायक के निधन के बाद यहां उपचुनाव होना है और यहां से भाजपा ने बेबी कुमारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे नाराज सहनी ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सहनी के महागठबंधन में जाने की अटकलों के बीच भाजपा के इस नए दांव ने सारे समीकरण बदल दिए हैं।
बोचहां सीट पर सहनी को दोहरा झटका तब लगा, जब राजद ने यहां से दिवंगत वीआईपी विधायक मुसाफिर पासवान के बेटे अमर पासवान को अपनी पार्टी से टिकट दे दिया। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद सहनी ने राजद पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री रमईराम की बेटी गीता देवी को टिकट दे दिया। 2020 में राजद उम्मीदवार रमई राम को मुसाफिर पासवान से करारी हार झेलनी पड़ी थी।

