जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन में चल रहे परिचालन संकट के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को हवाई किराए में अचानक हुई बढ़ोतरी को गंभीरता से लेते हुए सभी एयरलाइंस को चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ कंपनियों द्वारा असामान्य रूप से ज्यादा किराया वसूलने की शिकायतें मिली हैं, जो नियमों के खिलाफ है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी एयरलाइन यात्रियों से तय सीमा से अधिक किराया नहीं वसूलेगी। निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इंडिगो की ओर से बीते पांच दिनों में 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। इसकी वजह से यात्रियों को बढ़े हुए किराये से लेकर अन्य तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। घरेलू उड़ानों के मामले में इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। घरेलू उड़ानों के बाजार की बात करें तो इंडिगो का करीब 60 फीसदी बाजार पर कब्जा है।
विमान किराये में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज
इंडिगो के संचालन में आ रही समस्या की वजह से यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से विमान किराये में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार के मुनाफाखोरी से बचाने के लिए मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियामक शक्तियों का प्रयोग किया है।
निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य
केंद्र सरकार ने बताया है कि सभी एयरलाइनों को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है जिसमें अब निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय के बयान के मुताबिक ये सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाती। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस निर्देश का उद्देश्य बाजार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखना, संकटग्रस्त यात्रियों के किसी भी शोषण को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों को तत्काल यात्रा करने की आवश्यकता है- जिनमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज शामिल हैं – इस अवधि के दौरान वित्तीय कठिनाई का सामना न करें।

