जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को राज्यसभा में विशेष चर्चा आयोजित की गई। चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। अपने संबोधन में शाह ने कहा कि यह महान सदन वंदे मातरम की भावना, उसके यशोगान और उसे चिरंजीव बनाए रखने के संकल्प के साथ चर्चा कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस चर्चा के माध्यम से देश के बच्चे, किशोर और युवा आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम के आज़ादी के संघर्ष में योगदान को याद कर सकेंगे।
अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम की रचना में राष्ट्र के प्रति जिस समर्पण का भाव है, वह आने वाले भारत की रचना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सदन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी ऐतिहासिक चर्चा का होना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
शाह ने कहा कि वंदे मातरम का गान भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने का नारा बना था। यह आज़ादी के उद्घोष और स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत था। उन्होंने बताया कि शहीद अपने सर्वोच्च बलिदान के क्षणों में अगले जन्म में भी भारत में जन्म लेकर देश के लिए बलिदान देने की प्रेरणा इसी गीत से लेते थे।
उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों में वंदे मातरम पर हो रही यह चर्चा बच्चों, किशोरों, युवाओं और आने वाली कई पीढ़ियों को इसके महत्व से अवगत कराएगी। साथ ही, यह राष्ट्र के पुनर्निर्माण की दिशा में मजबूत आधार भी बनेगी।

