जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: सदर ब्लॉक के रामपुर गांव ने विकास की एक नई मिसाल पेश की है। कभी सामान्य सा दिखने वाला तालाब आज अमृत सरोवर योजना के तहत एक सुंदर पर्यटन स्थल, सामाजिक चौपाल और महिला सशक्तिकरण का केंद्र बन चुका है। इस बदलाव के पीछे ग्राम सचिव एकता बगड़ी की दूरदर्शिता और नेतृत्व है, जिन्होंने इस योजना को स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा से जोड़कर गाँव की तस्वीर ही बदल दी है।
अमृत सरोवर बना गाँव का आकर्षण केंद्र
गांव में बनाए गए अमृत सरोवर के चारों ओर आकर्षक घेराबंदी और दीवारों पर बनाई गई रंग-बिरंगी वॉल पेंटिंग्स लोगों का ध्यान खींच रही हैं। ये चित्र स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण जीवन के सकारात्मक संदेश दे रहे हैं। तालाब के पास बना यह सुंदर स्थल अब ग्रामीणों के लिए एक शांति स्थल और बच्चों-बुजुर्गों के लिए सामूहिक बैठकी का स्थान बन गया है। साथ ही, यह क्षेत्र सेल्फी पॉइंट के रूप में भी लोकप्रिय हो गया है।
महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम
ग्राम सचिव एकता बगड़ी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल तालाब का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़ना था। गांव की विधवा और बुजुर्ग महिलाओं को चिन्हित कर पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत 5-6 महिलाओं को गाँव की सफाई व्यवस्था में नियमित रोजगार दिया गया है।
गांव में ही काम मिलने से महिलाओं के चेहरों पर खुशी
तालाब के सौंदर्यीकरण में मनरेगा के तहत स्थानीय महिलाओं को काम दिया गया, जिससे उन्हें न केवल सम्मानजनक रोजगार मिला, बल्कि घर के पास ही काम मिलने से घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आजीविका का रास्ता भी खुला। मनरेगा में कार्यरत सरोज देवी बताती हैं, “पहले काम की तलाश में दूसरे गाँवों में जाना पड़ता था। अब घर के पास ही काम मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।”
मॉडल गांव की ओर बढ़ते कदम
ग्राम सचिव एकता बगड़ी ने बताया, “हमारा लक्ष्य है कि रामपुर गांव को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जागरूक मॉडल गांव के रूप में स्थापित किया जाए। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देकर हम उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। यह पहल आगे भी जारी रहेगी, ताकि गांव का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हो सके।” रामपुर गांव का यह नवाचार न केवल विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रहा है।

