EDS PLS TAKE NOTE OF THIS PTI PICK OF THE DAY::::Amritsar: Farmers pay respect at Golden Temple before leaving for Delhi to join farmers' protest against the new farm laws, in Amritsar, Friday, Dec. 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-12-2020_000058B)(PTI11-12-2020_000148B)
दरबार साहिब में अरदास के बाद 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में हुए रवाना
बोले: छह महीने का ला रहे है राशन और सामान
जनवाणी ब्यूरो |
अमृतसर, भाषा: कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसान आंदोलन हो रहा है। दिल्ली की सीमा पर पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। शुक्रवार को 700 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में करीब 50 हजार किसान-मजदूर अमृतसर से दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं।
दरअसल, किसान नेताओं ने बीते दिनों हुई बैठक में 15 मांगें रखी थी, जिनमें से सरकार 12 मांगें मानने को तैयार है। ऐसे में किसानों को लगता है कि ये तीनों कृषि कानून पूरी तरह सही नहीं हैं। काफिले का नेतृत्व कर रहे किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रमुख सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि हम छह महीने के लिए राशन और सामान लेकर दिल्ली जा रहे हैं और हम दिल्ली को जीतने के बाद ही लौटेंगे। दोपहर बाद तक किसानों का जत्था जालंधर पहुंच चुका था। जालंधर-अमृतसर हाईवे पर एक साइड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी हुई थी। इसके चलते जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली रवाना होने से पहले किसानों ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की। इसके बाद गोल्डन गेट पर इकट्ठा हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले किसानों ने श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की। इसके बाद गोल्डन गेट पर इकट्ठा हुए। 10 दिसंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील की है कि किसान अपना आंदोलन खत्म करें। सरकार किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार है।
वह एक तारीख तय करें और हम उनकी हर शंकाओं को दूर करेंगे। दूसरी ओर माना जा रहा है कि सरकार कृषि कानूनों को रद नहीं करेगी। सरकार ने किसानों के सामने कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में किसानों ने दिल्ली घेरने का मन बना लिया है। किसानों ने ऐलान कर दिया है कि किसान अब दिल्ली को और ज्यादा घेरने की तैयारी कर रहे हैं।