जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती (प्रकाश पर्व) देशभर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। नगर कीर्तन, कीर्तन दरबार और लंगर के आयोजन के साथ पूरा वातावरण “वाहे गुरु” के जयकारों से गूंज उठा है।
गुरुद्वारों को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालु गुरुबाणी का पाठ कर रहे हैं और गुरु नानक देव जी के उपदेशों — “एक ओंकार सतनाम” और “सेवा ही सच्चा धर्म है” — को आत्मसात करने का संकल्प ले रहे हैं।
काशी में भी भव्य आयोजन
वाराणसी में स्थित गुरुद्वारा गुरु का बाग और गुरुद्वारा सीर गोवर्धनपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। गुरुबाणी कीर्तन, प्रभात फेरी और लंगर का आयोजन पूरे दिन जारी रहेगा। श्रद्धालुओं को गुरु का प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “गुरु नानक देव जी का जीवन और उपदेश मानवता, समानता और भाईचारे का प्रतीक हैं। उनका संदेश सदैव प्रेरणा देता रहेगा।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि “गुरु नानक देव जी ने सत्य, करुणा और सेवा का जो मार्ग दिखाया, वही मानवता की सच्ची राह है।”
सेवा भावना और समाज कल्याण के कार्यक्रम
कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और जरूरतमंदों को भोजन वितरण जैसी सेवाएं आयोजित की जा रही हैं। युवा संगठनों और सिख समुदाय के स्वयंसेवक “निस्वार्थ सेवा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
गुरु नानक देव जी का संदेश आज भी प्रासंगिक
गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में समानता, प्रेम, सत्य और ईश्वर में एकत्व का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पाति, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और समाज में मानवता के मूल्यों की स्थापना की।

