- मान्यताओं के मुताबिक मंदिर में पांडव पुत्र नकुल द्वारा की गई शिवलिंग की स्थापना
जनवाणी संवाददाता |
नकुड़: प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र का पौराणिक मंदिर है। प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर अपने आप मे अलग ही विशेषताएं रखता है। प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र है। भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुँच भगवान आशुतोष की पूजा अर्चना कर मन्नते मांगते हैं।
पौराणिक मानय्ताओं के अनुसार मंदिर में स्थित शिवलिंग की स्थापना पांडव पुत्र नकुल द्वारा की गई थी तभी से इसका नाम नकुलेश्वर महादेव मंदिर पड़ा। आज यह मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। प्राचीन महादेव मंदिर में आशुतोष भगवान शिव के जयकारों व पूजा-अर्चना से वातावरण भक्तिमय बना रहता है।
नकुलेश्वर महादेव मंदिर में जहां श्रावण मास में शिव महापुराण कथा का आयोजन होता है ,वहीं महाशिवरात्रि पर भी कथा का आयोजन किया जाता है। साथ ही मंदिर में समय-समय पर धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। इतना ही नहीं मंदिर के पास स्थित श्री राम लीला भवन भी अपने आप में नगर की सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए हैं।
जहां एक ओर पूरे देश में रामलीला का मंचन अश्विन मास में दशहरा के अवसर पर होता है वहीं नगर नकुड़ में श्री रामलीला का मंचन चैत्र मास में श्री राम नवमी के अवसर पर किया जाता है। रामलीला मंचन का कई वर्ष पुराना अपना ज्ञात इतिहास है। इस प्रकार नकुलेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री रामलीला मंचन से नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक झलक देखने को मिलती।
श्रावण मास में होता शिव महापुराण कथा का आयोजन
भगवान शिव का प्रिय माने जाने वाला श्रावण मास शुरू होते ही प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर में शिव भक्तों की कतारे लग जाती है। भगवान शिव के प्रिय माने जाने वाले श्रावण मास में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक,पूजा-पाठ और आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव के जयघोष से शिवालय गुंज उठता है और वातावरण भक्तिमय बना रहता है। प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण का आयोजन किया जाता है ,वही शिवरात्रि पर शिव•ाक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

