जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय स्थित सेमिनार हॉल में बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक आनलाइन, आफलाइन मोड में संपन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। कार्य परिषद ने 47 शोध छात्रों को शोध उपाधि प्रदान करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर का एक और कैंपस खोलने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसके लिए 100 एकड़ भूमि की मांग शासन से करने का निश्चय किया गया, जिस पर कार्य परिषद सदस्य एवं एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने शासन से स्वीकृति दिलाने का आश्वासन दिया। बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय के 37वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में चक्रानुक्रम से कृषि संकाय को प्रदान किया जाएगा। वहीं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक विवि परिसर के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय को देने का निर्णय लिया गया। ललित कला विभाग की आय बढ़ाने के लिए विभाग को समय-समय पर प्रदर्शनी आयोजित कर कलाकृतियों की बिक्री की अनुमति प्रदान की गई। इस आय-व्यय का विवरण विभाग को विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराना होगा। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. मृदुल गुप्ता, कुलसचिव डॉ. अनिल यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र मौर्य, कार्य परिषद सदस्य एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. अतवीर सिंह, प्रो. राकेश शर्मा, प्रो. एवी कौर, प्रो. रविंद्र कुमार, डॉ. असलम जमशेदपुरी, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, डॉ. नाजिया तरन्नुम, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश एवं मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय विस्तार की ओर ऐतिहासिक कदम: धर्मेंद्र
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बुधवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। विधान परिषद सदस्य एवं नियम पुनरीक्षण समिति के सभापति धर्मेंद्र भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत नए एक्सटेंशन कैंपस के विकास का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय के भौतिक एवं शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है। कहा, वर्तमान मुख्य परिसर में भौतिक विस्तार की सीमाएं हैं, जबकि मेरठ की जनसंख्या 36 लाख से अधिक हो चुकी है। यहां की बेहतर कनेक्टिविटी के चलते देशभर से छात्र यहां अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे में भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए एक नया कैंपस विकसित किया जाना अनिवार्य है। परियोजना से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को सभी कार्यकारी परिषद सदस्यों ने एकमत से समर्थन दिया। यह पहलू मेरठ के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और शिक्षा को गुणवत्ता, नवाचार और समावेशिता के साथ जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगा।
बैठक में लिए गए निर्णय
४ 47 शोध छात्रों को शोध उपाधि प्रदान करने का निर्णय।
४ 37वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक: कृषि संकाय को।
४ डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय को।
४ ललित कला विभाग को प्रदर्शनी एवं कलाकृतियों की बिक्री की अनुमति, आय-व्यय का विवरण विश्वविद्यालय को देना होगा।
ये हैं विशेषताएं
४ उच्च स्तरीय प्रयोगशालाएं
४ छात्रावास परिसर
४ विश्वस्तरीय पुस्तकालय
४ शोध केंद्र
४ स्मार्ट क्लासरूम्स
४ डिजिटल, आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था छह, सात सितंबर को दो शिफ्टों में होगी पीईटी की परीक्षा

