Saturday, March 21, 2026
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बच्चों में अंतर रखने के लिए अंतरा बनी सहारा

  • पीएसआई, इंडिया संस्था की मदद से अरबन पीएचसी में महिलाओं को मिल रही अंतरा की डोज

  • पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक ने अपनाए परिवार नियोजन के साधन

जनवाणी संवाददाता |

बिजनौर: रविदास नगर की 32 वर्षीय कविता बताती हैं कि उनके चार बच्चे हैं। अब वह और बच्चे नहीं चाहती, इसलिए पिछले डेढ़ साल से लगातार अंतरा की डोज लगवा रही हैं। अभी तक सात बार अंतरा लगवा चुकी है। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। कविता की तरह नई बस्ती की 24 वर्षीय जिया के दो बच्चे हैं। उन्होंने अंतरा की डोज लगवाई हैं। उनका कहना है कि फिलहाल वह और बच्चे नहीं चाहती, इस लिए बच्चों में अंतर रखने के लिए अंतरा का सहारा ले रही हैं।

पूरी खबर के लिए जनवाणी पढे

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