- पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेई का फर्जी लेटर पैड इस्तेमाल करने का मंमला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट मेरठ सुरेश चंद ने पूर्व विधायक एवं तत्कालीन राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेई का लेटर पैड फर्जी बनाकर इस्तेमाल करने के आरोप में आरोपी कामेश्वर नाथ शुक्ला पुत्र मुरलीधर शुक्ला निवासी शास्त्री नगर मेरठ का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। अभियुक्त के अधिवक्ता वीरेंद्र कौशिक ने बताया की वादी मुकदमा पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेई ने 29 अगस्त 2004 को थाना देहली गेट मेरठ में मुकदमा दर्ज कराया कि विक्रांत बंसल नाम के व्यक्ति ने एक फर्म को थोक औषधि विक्रेता के रूप में कार्य करने के लिए थोक लाइसेंस जारी किया। जो उस समय के विधायक वादी मुकदमा के लेटर पैड पर जारी किया गया था।
जिसको देखकर वादी मुकदमा ने कहा कि यह सिफारिशें पत्र उनके द्वारा जारी नहीं किया गया है लगता है। कि किसी रैकेट के द्वारा सादे पैड पर उनका नाम छाप कर टाइप कर तैयार किया गया है। जिसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई कराने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। घटना के समय आरोपी कामेश्वर नाथ शुक्ला सीएमओ कार्यालय मेरठ में क्लर्क के पद पर तैनात था। जिसका कार्य पत्रावली को अपने अधिकारी के समक्ष पेश करना था ड्रग लाइसेंस जारी करना अभियुक्त के हाथ में नहीं था। न्यायालय ने आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।
हत्या के प्रयास के आरोपी की जमानत खारिज
मेरठ: न्यायालय जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन ने हत्या का प्रयास करने के आरोप में आरोपी आसिफ पुत्र लहीक निवासी ग्राम कायस्थ बड्ढा मेरठ का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। वादी मुकदमा अब्दुल वहाब ने थाना किठौर मेरठ में 30 नवंबर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दोपहर तीन बजे खंदावली वाले रास्ते पर खड़ा हुआ था। तभी आरोपी आसिफ अपने अन्य साथियों के साथ वादी मुकदमा को घेर लिया और पास में ही एक के खेत में ले गए।
तीनों आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर वादी को जान से मारने की नियत से गर्दन पर वार किया। जिससे उसे गर्दन पर गहरी चोट आई। पुलिस ने आरोपी आसिफ को पकड़ कर जेल भेज दिया। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
नकली नोट चलाने वाले आरोपी जेल गए
मेरठ: एसटीएफ द्वारा नकली नोटोें को असली बताकर चलाने वाले पकड़े गए चार आरोपियों को सिविल लाइन पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया गया। चारों आरोपियों के पास से पचास हजार रुपये के नकली नोट, मोबाइल और स्कूटी आदि बरामद हुई थी। पुलिस ने बताया कि नकली नोटों को असली बता कर चलाने के आरोपी विवेक पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी ग्राम-गांवड़ी थाना भावनपुर, राहुल पुत्र सर्वबचन निवासी पी-105, गंगानगर, अमित शर्मा पुत्र राजेन्द्र प्रसाद शर्मा निवासी के-3041 शास्त्रीनगर और आसिफ खान पुत्र कल्लू खान निवासी ग्राम-जेई थाना भावनपुर को हरिमाया इंटरप्राइजेज कन्फेक्शनरी की दुकान बंसत विहार से 500 के नोट कुल 50,000/ रुपये की नकली भारतीय करेंसी के गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में बताया कि अभियुक्त खुशी उर्फ गांधी पुत्र मुंशी खान निवासी ग्राम जेई थाना भावनपुर से हम लोग नकली नोट लेते है और असली के रुप में चलाते है। अभियुक्त खुशी उर्फ गांधी पुत्र मुंशी खान निवासी ग्राम जेई थाना भावनपुर मेरठ की तलाश जारी है। चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से उनको जेल भेज दिया गया।

