जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने 18वीं विधान सभा के प्रथम सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग के लिए अनुरोध किया। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद और सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र मजबूत होता है। विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा देश की सबसे बड़ी विधान सभा है। स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही पूरे देश के विधान मण्डलों के लिए एक मानक और आदर्श भी उपस्थित करती है।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि समय की जो मांग है उस परिपेक्ष्य में उत्तर प्रदेश विधान सभा ई-विधान लागू करने वाला देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। सभी सदस्यों को वरिष्ठता के आधार पर सीट आवंटन के आशय से दलीय नेताओं से विचार-विर्मश किया गया। प्रश्नों को सदन में लगाए जा रहे स्क्रीन पर दिखाये जाने के साथ ही प्रश्नों के सापेक्ष अनुपूरक प्रश्नों एवं सदस्यों को ई-विधान के प्रशिक्षण सहित यूट्यूब सोशल मीडिया एवं सत्र की कार्यवाही के सजीव प्रसारण पर भी चर्चा की गई। 18वीं विधान सभा के आहूत सत्र में प्रथम बार ई-विधान लागू करने के साथ ही एजेण्डा सहित अन्य साहित्य की हार्ड कापी भी इस सत्र में उपलब्ध करायी जायेगी जिससे सदस्यों को सुविधा न होने पाये।
अध्यक्ष ने सभी दल के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अन्तर्गत रखे और प्रेमपूर्ण वातावरण में सदन में बहस करें। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अभी कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि जब तक सदन में कोरम रहेगा, हम सदन को चलायेंगे। विधान सभा चलाने की सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है।
एक बार पहले इस विषय पर चर्चा हुई थी कि बारह बजे के बाद तारीख बदल गई तो यह निष्कर्ष निकला था कि विधान सभा का एजेंडा उस तारीख तक के लिए नहीं बल्कि पूरी कार्यवाही तक का है इसलिए हम किसी भी समय तक हाउस चलाने को तैयार है। जो अभी सदस्य ने कहा कि मंत्री अध्यक्ष से मिल करके आ जाते होंगे कि हमारा प्रश्न न आये, यह सही नहीं है ज्यादातर मंत्री तैयारी के साथ आते हैं और वह चाहते हैं कि उनका प्रश्न जरूर आये।सभी सदस्यों को इस बात के लिए सावधान रहना पड़ेगा कि आपके द्वारा किया गया व्यवहार पूरा प्रदेश देख रहा है। अगर कोई भी सदस्य गलत आचरण करता है तो विधान सभा के सभी सदस्यों पर आरोप आता है। यह विधान सभा हम सभी की है और इसकी गरिमा को बनाए रखना भी हम सभी की जिम्मेदारी है चाहे हम पक्ष के हों या विपक्ष के।
प्रतिपक्ष के नेताओं ने सहयोग का दिलाया भरोसा
बैठक में समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष के स्थान पर इन्द्रजीत सरोज, नेता राष्ट्रीय लोकदल राजपाल बालियान, अपना दल (सोनेलाल) के नेता राम निवास वर्मा, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता जगदीश नारायण राय, कांग्रेस पार्टी की नेता आराधना मिश्रा मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्रतिपक्ष के नेताओं ने सहयोग का दिलाया भरोसा
बैठक में समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष के स्थान पर इन्द्रजीत सरोज, नेता राष्ट्रीय लोकदल राजपाल बालियान, अपना दल (सोनेलाल) के नेता राम निवास वर्मा, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता जगदीश नारायण राय, कांग्रेस पार्टी की नेता आराधना मिश्रा मोना, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।

