- दिनभर लगा रहा नेताओं का मजमा, जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह
- बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने परिजनों से की बातचीत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लोहिया नगर के जाकिर कालोनी में सोमवार को तमाम दलों के नेताओं का मजमा लगा रहा। हादसे पर दुख जताने के नाम पर ये नेता पूरे दलबल के साथ शक्ति प्रदर्शन या फिर यह भी कहा जा सकता है कि कैटवॉक अंदाज में जाकिर कालोनी पहुंचे थे। कैंट वॉक का अंदाजा इसलिए क्योंकि जो भी लकदक सफेद कपड़ों में जो भी नेता जाकिर कालोनी की तंग गलियों में पहुंच रहे थे, वो इस हादसे से कितना दुखी थे, इसको मापने का कोई पैमाना तो नहीं हो सकता, लेकिन उनका अंदाज देखकर लगता था कि उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता थी कि जहां हादसा हुआ वहां चाराओं पर भरा पानी और फैली गंदगी व कीचड़ उनके कपड़ों पर न लग जाए।
साथ ही यह भी जो भी नेता सोमवार को जाकिर कालोनी पहुंचे थे उनको इस बात का भी ख्याल रखना पड़ रह था उनके साथ चलने वाली समर्थकों और पार्टी के दूसरे नेताओं संख्या में कमी ना रह जाए। जहां तो हादसे का शिकार परिवार के सदस्यों से मिलने की बात है तो उसमें तो ज्यादा वक्त नहीं लगा। लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ हापुड़ रोड स्थित अब्दुल्ला कालोनी के सामने पहुंचे। गाड़ी से उतरे। बामुश्किल डेढ़ मिनट पैदल चले। कुछ दूरी पर कुर्सियां उनका इंतजार कर रही थीं। बैठते ही हादसे का शिकार परिवार से तीन युवक आ गए।
उनसे बात की। उसी दौरान मीडिया के कैमरों की फ्लैश चलनी शुरू हो गई, जैसे ही फ्लैश बंद हुर्इं, मुलाकात भी पूरी हो गयी और अगले डेढ़ से दो मिनट में नेताजी जैसे काफिले के साथ पहुंचे थे वैसे ही वापस चले गए। इस दौरान जाकिर कालोनी के लोगों को जो बात सबसे ज्यादा आखिरी वो ये कि नेताजी और उनके साथ आए लोग हादसे का शिकार हुए परिवार के सदस्यों से शोक जताने से ज्यादा मीडिया की कवरेज पर ध्यान दे रहे थे। इसलिए कहना पड़ा कि कैट वॉक के अंदाज में नेता भी दुख जताने पहुंचे।
जाकिर कॉलोनी पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता, परिजनों को दी सांत्वना
जाकिर कॉलोनी के मकान हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए सोमवार को राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह भी पहुंचे। उनसे पहले बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान, सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर परिजनों से बातचीत कर उनका हाल जाना।
हादसे के बारे में जानकारी लेते हुए हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। इस दौरान प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने परिवार के तत्काल रहने का इंतजाम करने और उनकी आजीविका का प्रबंध करने का भी भरोसा दिलाया। रविवार को जिला प्रशासन ने जिला आपदा प्रबंधन के तहत मकान, मृतक, मवेशी, बकरी और घोड़ी के लिए अलग-अलग धनराशि के मुआवजे की घोषणा की थी।
जाकिर कॉलोनी में मकान गिरने से परिवार के 11 लोगों की मौत होने के बाद से मौके पर जिला और पुलिस प्रशासन के अलावा लोगों का हुजूम जुटा हुआ है। इसके अलावा नगर निगम की टीम मलबे को एक तरफ करने में जुटी हुई है। इसी बीच राजनीतिक दलों के नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह, बागपात के रालोद सांसद राजकुमार सांगवान, सहारनपुर के कांग्रेस सांद इमरान मसूद, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, मेरठ महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जाहिर अंसारी, जिलाध्यक्ष अवनीश के अलावा जिला और पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सभी ने घटना स्थल का जायजा लिया। राजनीतिक दलों के नेताओं ने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री और सांसदों ने परिवार के नदीम और नईम से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने दोनों भाइयों को हर संभव मदद किए जाने का भरोसा भी दिलाया। और आशियानें की मांग की। इसके बाद प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने अस्पताल पहुंचकर मकान दुर्घटना में घायल हुए मरीज का हाल जाना। मेडिकल टीम से जानकारी प्राप्त करते हुए बेहतर उपचार दिए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताड़ा, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह, अपर नगर आयुक्त प्रमोद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी हरपाल सिंह मौजूद रहे।
हादसा दुर्भाग्यपूर्ण, शासन से अनुमन्य सुविधा कराएंगे मुहैया: धर्मपाल
जाकिर कॉलोनी पहुंचे मेरठ जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मकान गिरने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हादसे पर बेहद चिंतित है। जान की कोई कीमत नहीं होती है, शासन से अनुमन्य सुविधाओं को मुहैया कराया जाएगा। प्रशासन ने सराहनीय कार्य किया है। अभी तत्काल परिवार के रहने की व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा उनकी आजीविका का भी प्रबंध किया जाएगा। फिलहाल जो मुआवजे की घोषणा हुई है, उसके अलावा और क्या क्या हो सकता है, देखेंगे।
खत्म हो गई कई जिंदगियां, सरकार परिवार के साथ: डा. सांगवान
जाकिर कॉलोनी के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि घटना बेहद दुखद है। इस हादसे में कई जिंदगियां खत्म हो गई है। मौके पर जाकर भी निरीक्षण किया गया है, मंजर देखकर बयां हो रहा है कि यह हादसा कितना भयंकर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है। अधिकारियों और सरकार के मंत्रियों से बात की जाएगी। परिवार को हर संभव मदद दिलाने का काम किया जाएगा।
इतना तो मिले मुआवजा कि बन जाए आशियाना: मसूद
परिवार से मिलने के लिए सोमवार को जाकिर कॉलोनी में सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद भी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत की। मसूद ने कहा कि जितने मुआवजे की घोषणा की गई है, वह बहुत ही कम है। कम से कम इतना मुआवजा तो दिया ही जाना चाहिए, जिससे परिवार के रहने के लिए आशियाना और रोजी रोटी का इंतजाम हो जाए। उन्होंने कहा कि हादसा बहुत ही दुखद है, पूरा परिवार तबाह हो गया है। कमाई का जरिया भी खत्म हो गया है। परिवार की गुजर बसर के लिए जिन पशुओं का पालन किया गया था।
अपनी जिंदगी बचाकर मिला जिंदगी भर का दर्द
लोहियानगर थाना के चमड़ा पैंठ जाकिर कालोनी में मकान ढहने और परिवार के 10 सदस्यों की मौत की घटना को लेकर परिवार के खोलने वाले तीन सगे भाइयों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। नफ्फो के दो बेटे शाकिर और नदीम डेयरी की भैंसों के लिए चारा लेने के लिए गए थे। दरअसल, नफ्फो की डेयरी में भैंस व अन्य जिनते भी पशु हैं। उनके लिए रोजाना ताजा चारा लगाया जाता है। डेयरी का काम संभालने वाले शाकिर व नदीम ही अक्सर चारा लेने के लिए जाया करते थे।
हादसे वाले रोज भी शाकिर व नदीम चारा लेने ही गए हुए थे। जब तक वह लौटे तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कुछ बचा था तो वो जिंदगी भर का गम और आंसू। शाकिर व नईम का तीसरा भाई नईम बताते हैं कि हादसे मुश्किल से एक मिनट पहले वह घर से निकले थे, वह मोड़ तक ही पहुंचे थे कि तेज धमाका हुआ और पूर मंजर धूल के गुब्बार में बदल गया। कोई कुछ समझ नहीं पाया। जब तक समझ में आया तब तक जिंदगी भर का दर्द झोली में आ गिरा था।
जाकिर कालोनी में सांसद इमरान मसूद का विरोध
जाकिर कॉलोनी में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को विरोध का सामना करना पड़ा। मदद की घोषणा किए बगैर ही रवाना हुए सांसद इमरान मसूद पर लोगों ने रोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि मसूद केवल वाहवाही लूटने के लिए यहां आए थे। जाकिर कॉलोनी में हुए मकान हादसे के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की आवाजाही लगी है। हर पार्टी के नेता पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देने का काम कर रहे हैं।
वहीं कुछ नेताओं ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया है। इसी कड़ी में सोमवार को सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद भी जाकिर कॉलोनी में पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों व आसपास के लोगों से बातचीत कर हादसे की जानकारी ली। इसके बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने मकान के मलबे को देखकर दुख जताया और फिर वहां से रवाना हो गए। परिवार को किसी भी तरह की कोई मदद की घोषणा ना करने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए विरोध किया।
उन्होंने कहा कि इमरान मसूद कांग्रेस का बड़ा चेहरा है और जीते हुए प्रतिनिधि भी है। उन्हें व्यक्तिगत तौर पर या फिर पार्टी की ओर से कुछ ना कुछ मदद की घोषणा करनी चाहिए थी, लेकिन वह केवल वाहवाही लूटने के लिए आए और बिना किसी घोषणा के यहां से रवाना हो गए। इंसान की पूर्ति पैसे से नहीं हो सकती है, लेकिन कम से कम मदद तो करनी चाहिए थी। उन्हें यहां आने से पहले पीड़ित परिवार की मदद के संबंध में अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार और जिला प्रशासन ही साथ दे रहा है।
सैफी संघर्ष समिति ने की एक करोड़ मुआवजे की मांग
जाकिर कॉलोनी मकान हादसे को लेकर सैफी संघर्ष समिति ने एक बैठक आयोजित की। इस दौरान हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के सदस्यों के लिए दुआएं की गई। समिति के महानगर अध्यक्ष इमरान सैफी ने कहा कि इस भयानक मंजर से सभी की रूह कांप उठी है। पूरी कॉलोनी में गमगीन माहौल है। ऐसे में समिति सरकार से पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग करती है। इस मौके पर हाजी सरफराज सैफी, आरिफ सैफी, मुज्जफर अली, सलीम हाजी, हबीब, आसिफ सैफी, वरिसुद्दीन, इमरान, शफीक अहमद, आसिफ भारती मौजूद रहे।
कालोनी की गली से हटाया मलबा
जाकिर कॉलोनी में मकान हादसे के तीसरे दिन यानी सोमवार को भी गली में पड़ा मलबा हटाया गया। नगर निगम के सफाई कर्मियों ने सभी ईंट और मलबे का अभी उसी जगह (प्लॉट) पर ढेर लगा दिया। उधर, देखने वालों का जमघट लगा रहा। इस दौरान लोगों में अलग-अलग तरह की चर्चा होती रही। प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम की टीम मौके पर ही डटी रही। पुलिस कर्मियों ने व्यवस्थाओं को बनाए रखा।
बड़ी संख्या में आरआरएफ के जवान और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के आने से पहले नगर निगम की टीम ने गली से मलबा को साफ किया। नगर निगम की पोर्कलेन मशीन से गली में पड़ा मलबा और ईंटों का वहां से साफ किया। हालांकि भी मलबा और र्इंटों का उसी जगह प्लॉट में ही ढेर लगा दिया गया। इसके बाद पोर्कलेन मशीन के माध्यम से ही प्लॉट में पड़े मलबे को एक ही जगह इकट्ठा करने का काम किया गया।
निगम के सफाई कर्मचारियों ने गली की नालियों में भरे मलबे को भी साफ किया। निगम की टीम डटी रही। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निर्देश के बाद ही प्लॉट में से मलबे को हटाया जाएगा। अभी केवल उसे एक जगह इकट्ठा किया जा रहा है। उधर, जमींदोज हुए मकान को देखने के लिए लोगों का जमघट लगा रहा। दूसरी कॉलोनियों और आस-पास से आए लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।

