जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। चुनाव मेंं कई प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा की 47 सीटों पर पहले चरण में मतदान हो रहा है।
डिब्रूगढ़ में मतदान कर रहे लोग
असम में आज पहले चरण का मतदान हो रहा है। डिब्रूगढ़ के जेपी नगर के एक पोलिंग बूथ के बाहर मतदाता लाइन लगाकर अपना मत डालने के लिए खड़े हैं। पोलिंग बूथ को गुब्बारों से सजाया गया है, असम की पारंपरिक वस्तुओं का वहां सजावट के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
Assam: Voters stand in a queue outside a polling booth in Dibrugarh, ahead of the first phase of #AssamAssemblyPolls today pic.twitter.com/oAaT1u3hzl
— ANI (@ANI) March 27, 2021
2016 चुनाव में 10 सीटों पर जीत का अंतर पांच हजार वोट से भी कम था
पहले चरण की इन 47 सीटों में से 10 सीटों पर 2016 के विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर पांच हजार वोट से भी कम था। वहीं, 2011 के विधानसभा चुनाव में ऐसी सीटों की संख्या नौ और 2006 विधानसभा चुनाव में 23 रही थी।
पोलिंग बूथ पर मतदान की तैयारियां
नागौन के रुपाही पोलिंग बूथ पर मतदान की तैयारियों का नजारा
Assam: Voters queue outside a polling station in Nagaon, ahead of the first phase of #AssamAssemblyPolls today pic.twitter.com/gTAtpOMnFa
— ANI (@ANI) March 27, 2021
ऊपरी असम को माना जाता था कांग्रेस का गढ़
बता दें कि 2016 से पहले तक ऊपरी असम को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। कांग्रेस ने 2011 में यहां 38 सीटें (46 फीसदी वोट शेयर) और 2016 में 27 सीटें (39 फीसदी वोट शेयर) जीती थीं।
2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और अगपा ने जीतीं 35 सीटें
2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी अगपा ने 35 सीट जीतकर बड़ी कामयाबी हासिल की थी। उस दौरान भाजपा का वोट शेयर 36 फीसदी रहा और पार्टी को 27 सीटों पर कामयाबी हासिल हुई। वहीं, कांग्रेस 36 फीसदी वोट शेयर के साथ सिर्फ नौ सीटें ही जीत सकी थी।
47 सीटों पर 37 मौजूदा विधायक दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं
बता दें कि इन 47 सीटों पर 37 मौजूदा विधायक दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 24 भाजपा के टिकट से मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस और असम गण परिषद (एजेपी) से 6-6 और एआईयूडीएफ से एक विधायक चुनावी रण में दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं। पहले चरण की 47 सीटों में से 11 सीटें अपर असम और उत्तरी असम की हैं। पांच सीटें सेंट्रल असम के नगांव जिले की हैं।
2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और अगपा ने जीतीं 35 सीटें
2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी अगपा ने 35 सीट जीतकर बड़ी कामयाबी हासिल की थी। उस दौरान भाजपा का वोट शेयर 36 फीसदी रहा और पार्टी को 27 सीटों पर कामयाबी हासिल हुई। वहीं, कांग्रेस 36 फीसदी वोट शेयर के साथ सिर्फ नौ सीटें ही जीत सकी थी।
47 सीटों पर 37 मौजूदा विधायक दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं
बता दें कि इन 47 सीटों पर 37 मौजूदा विधायक दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 24 भाजपा के टिकट से मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस और असम गण परिषद (एजेपी) से 6-6 और एआईयूडीएफ से एक विधायक चुनावी रण में दोबारा किस्मत आजमा रहे हैं। पहले चरण की 47 सीटों में से 11 सीटें अपर असम और उत्तरी असम की हैं। पांच सीटें सेंट्रल असम के नगांव जिले की हैं।
संविधान बचाने वाले को ही चुनें: मनमोहन
असम चुनाव से एक दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में कहा कि समाज को धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषा के आधार पर बांटा जा रहा है। उन्होंने लोगों से ऐसी सरकार चुनने को कहा, जो संविधान और लोकतंत्र के सिद्धांत को कायम रख सके। उन्होंने असम के मतदाताओं को आश्वस्त किया कि यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू नहीं होगा।
पहले चरण का मतदान शुरू, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड वोटिंग की अपील
असम में पहले चरण के मतदान में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, विधानसभा अध्यक्ष हीरेन्द्रनाथ गोस्वामी और असम की प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष रिपुन बोरा के भाग्य का फैसला होगा।
इसके अलावा सत्तारूढ़ भाजपा और असम गण परिषद के कई मंत्रियों की भी किस्मत भी पहले चरण के मतदान के साथ ईवीएम में कैद हो जाएगी। इस चरण में अधिकतर सीटों पर सत्तारूढ़ भाजपा-एजीपी गठबंधन, कांग्रेस नीत विपक्षी महागठबंधन और नवगठित असम जातीय परिषद (एजेपी) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं।
राज्य में तीन चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 27 मार्च, दूसरे चरण में एक अप्रैल और तीसरे चरण में छह अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे समाप्त होगा। कोविड-19 नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है।

