Thursday, February 12, 2026
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नफरती भाषण देने वाले आजम खान की विधानसभा सदस्यता समाप्त

जनवाणी ब्यूरो

नई दिल्ली: नफरती भाषण मामले में रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा बृहस्पतिवार को सुनाई गई सजा के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में आजम की सदस्यता समाप्त करते हुए रामपुर सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। विधान सभा सचिवालय ने रामपुर सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी है। अब चुनाव आयोग इस सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा करेगा।

सपा के दिग्गज नेता आजम खां को भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोर्ट ने तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। हालांकि, सजा सुनाए के बाद कोर्ट ने आजम खां अपील दाखिल होने तक 25-25 हजार रुपये के दो जमानती दाखिल करने पर अंतिरम जमानत दे दी।

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे। उन्होंने 07 अप्रैल 2019 को अपने चुनाव प्रचार के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था।

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आजम खां के भाषण का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मिलक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले में आजम खां जमानत पर चल रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसले के लिए 27 अक्तूबर की तिथि फैसले के लिए निर्धारित की थी।

बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में सपा नेता आजम खां को दोपहर लगभग दो बजे दोषी करार कर दिया। कोर्ट ने शाम लगभग साढ़े चार बजे अपने फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई। इसके बाद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25-25 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर अपील दाखिल तक आजम खां को अंतरिम जमानत दे दी।

जनप्रतिनिधि को सजा पर प्रावधान 

दरअसल, जनप्रतिनिधियों के लिए बने कानून के मुताबिक यदि किसी विधायक को दो साल से ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो फिर उसकी सदस्यता चली जाती है। आजम खां के लिए यही बहुत बड़ा संकट है। इससे पहले अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा से भाजपा के विधायक खब्बू तिवारी को अपनी विधायकी गवानी पड़ी थी। उन्हें कोर्ट ने दो साल से ज्यादा की सजा सुनाई थी।  साल 2019 के चुनाव में आजम खां रामपुर से सांसद चुने गये थे। रामपुर से ही इसी साल विधायक बनने पर सांसदी से इस्तीफा दे दिया था।

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