जनवाणी संवाददाता |
लक्सर: लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कानून का तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में जंग लडने वाली अतिया साबरी ने समर्थन किया है। अतिया ने कहा कि महिलाओं का उत्पीडन रोकने के लिए पूरे देश में कडे कानून बनने चाहिए। इस कानून से उन्हें सजा मिलेगी जो नाम बदलकर धोखे से दूसरे समुदाय की युवती से शादी करते हैं अथवा जबरन उनका धर्मांतरण कराते हैं।
तीन तलाक का दंश झेल चुकी अतिया साबरी तीन तलाक के खिलाफ उच्चतम न्यायलय में याचिका दायर करने वाली याचिकाकर्ताओं में से एक हैं। यूपी सरकार द्वारा लाए गए कानून का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के अवैध धर्मांतरण के खिलाफ लाए गए कानून से उन युवकों को सजा मिलेगी जो धोखाधडी कर अपनी पहचान छिपाकर दूसरे धर्म की युवती से शादी करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पीडन को रोकने के लिए कडे कानून बनाए जाने चाहिए।
कानून का विरोध कर रहे व्यक्तियों पर उन्हांने कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय में ही में कोई युवक किसी युवती को जबरन अपने साथ भगा कर ले जाता है अथवा धोखे से उससे निकाह करता है तो वह निकाह अवैध माना जाता है। ऐसे में दूसरे धर्म की युवती को धोखे में रखकर उससे निकाह करने अथवा उसका धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने को जायज कैसे ठहराया जा सकता है। ऐसे मामलों के लिए पूरे देश में कड़ा कानून लागू किया जाना चाहिए। उत्तराखंड सरकार को भी इसके लिए पहल करनी चाहिए।

