सुभाष शिरढोनकर
‘विक्की डोनर’ से अपने एक्टिंग कैरियर की सफल शुरुआत करते हुए आयुष्मान खुराना ने ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ (2०2०) ाक एक लंबा सफर तय किया है। इन आठ सालों में उनकी ज्यादातर फिल्में अच्छी खासी हिट रही थीं। उन्होंने टीवी के छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर शानदार तरीक से तय किया है।
‘अंधाधुन’ के लिए आयुष्मान खुराना को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड मिला। ‘बधाई हो’ ‘अंधाधुन’ और ‘ड्रीमगर्ल’ जैसी फिल्मों के बाद हिट फिल्मों के लिए आयुष्मान खुराना के ऊपर काफी प्रेशर आ चुका है लेकिन वह इसे काफी अच्छे से हैंडल कर रहे हैं। आयुष्मान खुराना की ‘अंधा धुन’ तेलुगु और तमिल में बनने जा रही है। वही ‘ड्रीम गर्ल’ तेलुगु, और ‘विक्की डॉनर’ तमिल में बन रही है। ‘आर्टिकल 15’ तमिल और ‘बधाई हो’ को तेलुगु में बनाए पर विचार हो रहा है।
प्रस्तुत है आयुष्मान खुराना के साथ की गई बातचीत के मुख्य अंश…
लगातार आठ हिट फिल्में देकर आप बॉलीवुड फिल्म मेकर्स के लिए एक प्रोमिसिंग एक्टर के रूप में स्थापित हो चुके हैं?
-मैंने कैरियर की शुरुआत से बेहतर विषय सामग्री पर आधारित फिल्में करते हुए एक अलग छवि बनाई है। मुझे शुरू से पता था कि मेरा चेहरा मोहरा दूसरे स्टार्स जितना आकर्षक नहीं है, इसलिए एक एक्टर के रूप में स्थापित होने के लिए मुझे कोई अलग रास्ता अख्तियार करना होगा, यह बात मैं बहुत अच्छे से जानता था और मैंने ऐसा ही किया। मुझ पर वाहे गुरू की कृपा रही कि मैं अपने मकसद में कामयाब हो सका।
अब तक हम साउथ की फिल्मों के रीमेक बना रहे थे। लेकिन अब साउथ में आपकी फिल्मों के रीमेक बन रहे हैं। यह देखकर कैसा महसूस होता है ?
-मैंने हमेशा से माना है कि फिल्मों में भाषा, संस्कृति और सीमाओं के पार जाने की क्षमता होती है। सिनेमा का असली परीक्षण यही है कि वह कितना सार्वभौमिक है। मैं इस बात से बेहद खुश हैं कि, दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में हमारे काम का पुनर्निमाण होने जा रहा है।
हर बार एक नया किरदार निभाना काफी मुश्किल होता है लेकिन इस मुश्किल काम आप, बेहद आसानी के साथ कर रहे हैं। आज बड़े से बड़ा कलाकार आपको कॉपी करने की कोशिश कर रहा है?
-कोई भी काम मुश्किल तो हो सकता है लेकिन नामुमकिन नहीं। मुश्किल होता है अच्छा किरदार मिल पाना लेकिन यदि एक बार मिल गया, तो उसके बाद कुछ भी मुश्किल नहीं होता। जहां तक दूसरे कलाकारों की बात है, मुझे लगता है कि वह मेरी कॉपी नहीं, बल्कि मेरे जैसा सिनेमा करने की कोशिश कर रहे हैं।
आपने यूनिक स्क्रिप्टस का चयन करते हुए, एक अलग पहचान बनाई है। आपने जिस स्क्रिप्ट पर हाथ रखा, वही सुपर हिट हो गई। क्या आपको लगता है कि दूसरे कलाकार ऐसा कर सकेंगे?
-मुझे लगता है कि यदि मेरी तरह किस्मत ने उनका साथ दिया तो वह मुझसे भी बेहतर करेंगे, क्योंकि वह मुझसे बेहतर एक्टर हैं और मेरे मुकाबले कहीं अधिक फैंस उन्हें फोलो करते हैं।
कहा जा रहा है कि साजिद नाडियाडवाला सलमान और अक्षय जैसे कलाकारों को दरकिनार करते हुए आपके साथ फिल्म बनाना चाहते हैं?
-मैं काफी वक्त से किसी अच्छी एक्शन फिल्म की तलाश कर रहा था। नेगेटिव किरदार वाली फिल्म करने से भी मुझे परहेज नहीं है। मैं किसी फिल्म में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का किरदार निभाना चाहता हूं। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो साजिद की फिल्म मेरी ख्वाहिश पूरी कर देगी।
-आप अपनी कामयाबी का श्रेय किसे देना चाहेंगे?
मेरे मन में जो कुछ है उसे मैं सिर्फ अपनी फिल्मों के जरिए बोलने की कोशिश कर रहा हूं और मेरी बात लोगों को पसंद आ रही है। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं किया, बस आम आदमी को हीरो की तरह पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है जिसे लोगों ने पसंद किया है।
अपनी आगामी फिल्मों के बारे में कुछ बताइए?
-हमेशा की तरह इस बार फिर से मैं एक बिलकुल अलग तरह का किरदार निभा रहा हूं। ‘स्त्री रोग विभाग’ में मैं एक जेंट़स गायनेकोलॉजिस्ट का किरदार निभा रहा हूं। यह कॉमेडी बेस्ड लेकिन मैसेजफुल फिल्म है।


