नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और कई विपक्षी दलों के बड़े नेता मौजूद रहे। बुधवार को खरगे ने संसद के केंद्रीय कक्ष में गठबंधन के नेताओं से रेड्डी का परिचय कराया था। वहीं गुरुवार को नामांकन दाखिल करने के मौके पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक में सहयोगी दलों ने अपनी-अपनी राय रखते हुए रेड्डी के नाम पर सहमति जताई।
नामांकन से पहले खरगे ने कहा था कि बी. सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव केवल एक पद के लिए प्रतियोगिता नहीं है। यह हमारे राष्ट्र की आत्मा के लिए एक वैचारिक लड़ाई है। जहां सत्तारूढ़ दल ने आरएसएस की विचारधारा को चुना है, वहीं हम संविधान और उसके मूल्यों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
खरगे ने कहा कि संसद में विपक्ष की आवाज को दबाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। संसद सत्तारूढ़ दल की विचारधारा को आगे बढ़ाने के एक उपकरण के रूप में काम कर रही है। कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना उचित विचार-विमर्श के पारित किए जा रहे हैं। वहीं, शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा, विपक्ष की एकता अखंड है। हमारे पास सुदर्शन है, इसलिए कौरवों (एनडीए) की हार सुनिश्चित है। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपनी बिहार यात्रा का जिक्र किया और सुदर्शन को विपक्षी एकता की जीत का आधार बताया।
विपक्षी गठबंधन चुनाव की बारीकियों से सदस्यों को परिचित कराने के लिए 8 सितंबर को मॉक पोल का आयोजन करेगा। इसका मकसद सभी सदस्यों को उप राष्ट्रपति चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की जानकारी देना है।
विधेयकों को लेकर भी विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया
बैठक में संसदीय लोकतंत्र और संघवाद के मूल मूल्यों को कमजोर करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया। खरगे ने इसे सत्र के अंत में रखने की निंदा की। बैठक में टीएमसी, सपा, एनसीपी (एसपी), टीएमसी, आरजेडी, जेएमएम, शिवसेना यूबीटी, केरल कांग्रेस एम, आईयूएमएल, द्रमुक, वाम दलों समेत इंडिया गठबंधन के अन्य दल शामिल रहे

