जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: छात्राओं से छेड़छाड़, जालसाजी, फर्जीवाड़ा और संपत्ति हड़पने की साजिश में आरोपी तथाकथित बाबा चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को दिल्ली पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। बाबा पर दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च में पढ़ने वाली 17 छात्राओं से अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के संगीन आरोप हैं।
कैसे पकड़ा गया बाबा?
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम अमित गोयल के मुताबिक, “हमारी टीम तीन दिनों से हरियाणा, राजस्थान, यूपी और पश्चिम बंगाल में तलाश कर रही थी। शनिवार रात 3 बजे आगरा के ताजगंज इलाके के होटल फर्स्ट में छापा मारा गया। होटल के रजिस्टर में आरोपी का नाम ‘स्वामी पार्थ सारथी’ दर्ज था।”
बाबा को कमरा नंबर 101 से गिरफ्तार किया गया और दिल्ली लाया गया। साथ ही तीन मोबाइल फोन, एक iPad और कई फर्जी विजिटिंग कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
UN और ब्रिक्स के फर्जी कार्ड
बाबा चैतन्यानंद के पास से दो फर्जी इंटरनेशनल विजिटिंग कार्ड मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) का कार्ड, जिसमें खुद को स्थायी राजदूत (Permanent Ambassador) बताया। ब्रिक्स आयोग का कार्ड, जिसमें खुद को इंडियन स्पेशल एनवॉय और मेंबर बताया गया है। इसके अलावा, बाबा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ा होने का भी झूठा दावा करता था। अपने लोगों से फोन करवा कर आम लोगों को धमकाता कि बाबा सीधे पीएमओ से जुड़े हैं।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
बाबा श्री शारदा इंस्टीट्यूट, वसंत कुंज का मैनेजर था। संस्थान में PG डिप्लोमा कर रहीं छात्राओं ने आरोप लगाया कि वह उनके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करता था।
संस्थान प्रबंधन की शिकायत पर वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में एफआईआर दर्ज की गई और बाबा फरार हो गया था। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था।
तीन खरब की संपत्ति हड़पने की साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि बाबा ने एक मठ की करीब तीन खरब रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची थी।
आश्रम प्रशासक पीए मुरली की ओर से बाबा के खिलाफ:
धोखाधड़ी,
फर्जी कागजात,
और मठ की आय हड़पने की शिकायत दी गई है।
प्राथमिकी में बताया गया कि बाबा ने आश्रम की इमारतें कंपनियों को किराये पर दी थीं, महीने का लगभग 60 लाख रुपये किराया हड़प लिया, और पीठ को एक भी पैसा नहीं दिया।
महंगी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट का मामला
बाबा के खिलाफ तीसरी प्राथमिकी महंगी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने को लेकर दर्ज की गई है।

आगे क्या?
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब आरोपी की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी और फर्जी दस्तावेजों, संपत्ति विवाद और अन्य डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच की जाएगी।

