मेरठ की धरती पर कदम रख कन्हैया मित्तल बोले-आज मैं भी क्रांतिकारी हो गया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बुढ़ाना गेट स्थित जिमखाना मैदान में बुधवार को एक शाम बाबा बफार्नी व खाटू श्याम के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सुप्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समा बांधा। कार्यक्रम में खाटू श्याम में बाबा बफार्नी का दरबार भी सजाया गया। वही जैसे ही भजन गायक कन्हैया मित्तल ने लोकप्रिय भजन ह्यजो राम को लाए हैं,
हम उनको लाएंगे…गाया, वैसे ही मैदान पर मौजूद भीड़ की तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। इसी तरह भजन गायक कन्हैया ने देर रात तक कई सुरीले भजनों की प्रस्तुति देते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्?ध कर दिया। मंच पर पहुंचकर कन्हैया मित्तल ने कहा कि वैसे तो मैंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रम किए हैं,
लेकिन आज तक में अधूरा था मेरठ में आकर मुझे लग रहा है कि मैं भी क्रांतिकारी हो गया हूं। इतना ही नहीं यहां आकर लग रहा है की में मेरठ नही बल्कि अयोध्या में हूं। बता दें कि मेरठ अमरनाथ यात्रा समिति पिछले 27 सालों से बाबा बफार्नी के दरबार में भंडारा लगा रही है।
अमरनाथ में भंडारा लगाने का मतलब है शेषनाग पर भंडारा लगाना मेरठ की यह समिति बहुत अच्छा काम कर रही है। कन्हैया मित्तल ने मैंने मोहन को बुलाया है तुझको आना पड़ेगा सांवरे, मेरी अखियां करे इंतजार सांवरे आदि गीत गाकर मैदान में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कन्हैया मित्तल के भजन सुनने के लिए मैदान में 500 से अधिक लोग पहुंचे। कार्यक्रम में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अश्वनी त्यागी आदि मौजूद रहे।
अधिक भीड़ के चलते व्यवस्था बिगड़ी
भजन गायक कन्हैया मित्तल के भजन सुनने के लिए जिमखाना मैदान में उम्मीद से ज्यादा भीड़ पहुंचने की वजह से व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी थी। जब की व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैदान में पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ बाउंसर भी नियुक्त किए गए थे लेकिन वह भी भीड़ पर काबू पाने में असमर्थ रहे इतना ही नहीं मैदान में बैठने के लिए वीआईपी हो तक के लिए सही व्यवस्था नहीं की गई थी।
व्यवस्थापक नहीं बना पाए व्यवस्था
जिमखाना मैदान में उम्मीद से ज्यादा भीड़ पहुंचने की वजह से व्यवस्थापक व्यवस्था को नहीं संभाल पाए और मंच पर भजन गायक कन्हैया मित्तल कि पहुंचने पर भीड़ ने और शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसके बाद मंच से कन्हैया मित्तल को बार-बार आवान करना पड़ा कि सभी लोग शांत बैठ जाए और कार्यक्रम का आनंद लें।