- समापन के मौके पर अमनो-अमान की दुआएं की गयी
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: नगर में हजरत बाबा नन्हें मियां दरगाह पर जारी तीन रोजा सालाना उर्स कुल शरीफ की रस्म के साथ सम्पन्न हो गया। इस मौके पर अमनो-अमान की दुआएं की गयी।
नगर के मौहल्ला पाईबाग स्थित हजरत बाबा नन्हे मियां रहमतुल्लाह अलैह के तीन रोजा सालाना उर्स के आखिरी दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी हाजी नौशाद अख्तर सैफी ने मजार शरीफ पर चादर पोशी कर दुआएं मांगी। हाजी नौशाद ने कहा कि नगर नजीबाबाद गंगा जमुनी तहजीब के लिए पहचाना जाता है।
उन्होंने सभी से नगर में भाईचारा ओर सौहार्द कायम करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान इंतेजार साबरी नागपुर (महाराष्ट्र) ने मै तो साबिर का मलंग तथा साबिर ने जिसे चाहा दीवाना बना दिया आदि कलाम पेश कर जायरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जफर रजा साबरी कव्वाल, उमर दराज साबरी आदि कव्वालों ने भी जायरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स सम्पन्न हो गया।
इस मौके पर डा. जुनैद अंसारी, रियासत खान मनव्वर हुसैन, जाकिर हुसैन कादरी, मौहम्मद नसीम, डा. अवैस अंसारी, अयान अख्तर, डा. नईम अहमद, अजीम अहमद, सूफी नजाकत अली कादरी, चौधरी शराफत हुसैन, इदरीस अब्बासी, विशाल अहमद, शरीफ अहमद, दिलशाद हुसैन, सूफी मौहम्मद हसन, शाकिर शालू, अतीक अहमद, फरीद अंसारी आदि शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में दरगाह के सज्जादा नशीं अजीम अहमद सिद्दीकी तथा सूफी नजाकत अली ने सभी जायरीनों का उर्स में आने पर खैर मकदम किया।

