जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: बाबा रामदेव ने माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी आपस में लड़ने में व्यस्त हैं, जबकि हमारे पास पहले से ही बहुत से भारत और सनातन धर्म विरोधी दुश्मन हैं। बाबा रामदेव ने इस स्थिति को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि यह भी कहा कि संतों को आपस में लड़ने के बजाय एकजुट रहना चाहिए।
गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि गायों की रक्षा हिंदुओं की साझा जिम्मेदारी है, और सिर्फ नारेबाजी से गायों को बचाया नहीं जा सकता। इसके लिए संतों को गायों की देखभाल करनी चाहिए। बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि पतंजलि पीठ एक लाख गायों की देखभाल कर रहा है, और शंकराचार्यों को भी अपने आश्रमों में गायों के संरक्षण के लिए पहल करनी चाहिए।
बाबा रामदेव ने आगे कहा कि भारत में पहले से ही ऐसे देश विरोधी तत्व हैं जो प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। ऐसे में संतों को भी अपने नेताओं के प्रति नाराजगी को त्यागकर एकजुट रहना चाहिए।
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ बदसलूकी की घटना पर भी बाबा रामदेव ने बयान दिया। उन्होंने इसे गलत ठहराते हुए कहा कि किसी भी साधु या संत के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। बाबा रामदेव ने कहा कि शंकराचार्य जी को भगवान शंकर का स्वरूप मानते हुए उनसे किसी भी विवाद की उम्मीद नहीं की जाती। साधु का उद्देश्य अहंकार को मिटाना होता है, न कि विवाद खड़ा करना।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में कई बाहरी ताकतें हैं जो भारत का इस्लामीकरण या ईसाईकरण करना चाहती हैं, और ऐसे समय में हमें आपस में लड़ने के बजाय अपने मतभेदों को शांतिपूर्वक हल करना चाहिए।

