
भारत की कुछ दवा कंपनियों द्वारा विदेशों को नकली या अधोमानक दवाओं की आपूर्ति करने से देश के पूरे दवाकारोबार की छवि खराब हो रही है। भारतीय दवा उद्योग ने पिछले सालों में जो दुनिया में साख बनाई है, उसे ये फर्म तहस-नहस करने पर तुलीं हैं। दवा कंपनियों पर कंट्रोल करने वाला विभाग नकली दवा बनाने वाली कंपनियों के आगे पूरी तरह समर्पण किए हुए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मार्शल आइलैंड्स और माइक्रोनेशिया में बेचे जाने वाले भारत- निर्मित गुइफेनेसिन कफ सिरप के लिए हाल में एक और अलर्ट जारी किया है। भारत में उत्पादित दूषित खांसी की दवाई के लिए सात महीने के भीतर यह तीसरा अलर्ट है। पिछले मामलों की पहचान गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में की गई थी। वहां कफ सीरप पीने से 66 बच्चों की मौत हुई थी।