- सरकारी और प्राइवेट बैंक सर्वर की समस्या से जूझ रहे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बैंकों को हाईटेक करते हुए वित्तीय लेनदेन आन लाइन करने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन बैंकों की कनेक्टिीविटी इसमें विलेन का काम कर रही है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब सरकारी और प्राइवेट बैंक सर्वर की समस्या से न जूझ रहे हो। इस कारण ग्राहकों को जूझना पड़ रहा है। कनेक्टीविटी के कारण जहां एनएफटी और चेकों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैंकों में प्रतिदिन लगाए जाने वाले लाखों चेक में से सैकड़ों चेक बाउंस हो जाते हैं। इसका कारण आपके खाते में अपर्याप्त धनराशि नहीं है, बल्कि संबंधित बैंक में कनेक्टिविटी का न होना है। वहीं बैंक अपनी इस गलती के लिए भी खाताधारक को जिम्मेदार ठहरा देता है।
खाताधारकों का मानना है कि बैंक अपनी इस मनमानी के लिए सॉफ्टवेयर को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ रहा है। जबकि बैंक में लंबे समय से इस तरह की समस्या चल रही है। कई बार बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कुछ व्यापारियों ने बताया कि प्रतिमाह एक या दो चेक कनेक्टिविटी की समस्या से बाउंस हो जाते हैं। बुधवार को भी एक्सिस बैंक में कनेक्टिीविटी न होने के कारण ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यही हाल सरकारी बैंकों का भी रहा। बैंको के अलावा एटीएम भी सर्वर की समस्या से जूझ रहे है। इमरजेंसी में जब लोगों को पैसे की जरुरत होती है तब लोग एटीएम में भागते हैं लेकिन उनको सर्वर के कारण निराश होना पड़ रहा है।

