Monday, October 25, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutबेंच और शुल्क वृद्धि पर बार सख्त, तीन दिन की हड़ताल

बेंच और शुल्क वृद्धि पर बार सख्त, तीन दिन की हड़ताल

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  • प्रत्येक दूसरे और चौथे बुधवार को रहेगी हड़ताल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग, न्यायशुल्क में वृद्धि के विरोध, कचहरी में सुरक्षा को लेकर मंगलवार को केन्द्रीय संघर्ष समिति ने कड़ा रूख अपनाते हुए प्रत्येक दूसरे व चौथे बुधवार को 29 व 30 सितम्बर और 01 अक्टूबर को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। साथ ही गाजियाबाद एसोसिएशन के सचिव मनमोहन शर्मा एडवोकेट ने आत्मदाह किये जाने की चेतावनी दी है।

मंगलवार को हाईकोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति के तत्वाधान में पं. नानक चंद सभागार में बैठक हुई। बैठक में नगीना, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, कैराना, देवबंद, बागपत, सरधना, जिला बार एसोसिएशन सहित अन्य जिलों और तहसीलों के अध्यक्ष/महामंत्री मौजूद रहे। बैठक में विशेष रूप से बार कौंसिल आॅफ उप्र के सदस्य हरी शंकर सिंह भी मौजूद थे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर 50 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही शनिवार की हड़ताल के अलावा अब प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे बुधवार को व 29 अक्टूबर को वेस्ट यूपी के सभी जिलों एवं तहसीलों के अधिवक्ता व रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेगें। प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक जिले की बार एसोसिएशन अपने-अपने जिलों के सांसद, विधायक एंव मंत्रीगण का घेराव करेगें।

30 अक्टूबर को पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता हाईकोर्ट बेंच के आंदोलन गति देने के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे आन्दोलन को सोशल मीडिया से गति दिये जाने की जिम्मेदारी सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के महामंत्री बिजेन्द्र सिंह मलिक ने ली है।

गाजियाबाद बार एसोसिएशन के सचिव, मनमोहन शर्मा ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापित नही की जाती है तो वह आत्मदाह करेगें। वहीं, सस्ता व सुलभ न्याय सिद्धान्त के खिलाफ उप्र सरकार द्वारा न्यायिक शुल्क पर 10 गुना टिकट वृद्धि किये जाने पर अधिवक्ताओं ने बेहद आक्रोश जताया। उन्होंने तुरन्त राज्य सरकार को इस निर्णय को वापस लेने की चेतावनी दी।

इसके विरोध में 01 अक्टूबर 2021 को पूरे वेस्ट यूपी के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। साथ ही कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं कर्मचारियों की पुख्ता सुरक्षा न होने पर नाराजगी जतायी। बैठक में सुरक्षा को लेकर निर्णय लिया गया कि पउप्र के सभी जिले 30 सितम्बर को न्यायिक कार्य विरत रहकर अपने जिले एंव तहसीलों में आम सभा आयोजित कर सुरक्षा को पुख्ता किये जाने के लिए रणनीति तैयार कर उस पर कार्रवाई कराना सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में तमाम जिलों के अध्यक्ष व महामंत्री संजीव कुमार, मौहम्मद नईम, अजीत सिंह चौधरी, रविन्द्र सिंह निमेश, कलीराम, अरुण शर्मा, मुनीश त्यागी, मनमोहन शर्मा, पूनम गुप्ता, परमजीत सिंह, अशोक कुमार, ठा. सुंदर सिंह, सुगंध जैन, बिजेन्द्र मलिक, महेन्द्र बंसल, कुलदीप त्यागी, सतवीर सिंह, वीके शर्मा, मुकेश त्यागी, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चौधरी नरेन्द्रपाल सिंह, अजय त्यागी, गजेन्द्र सिंह धामा, धीरेन्द्र शर्मा, उदयवीर सिंह राणा, राजेन्द्र सिंह जानी, महामंत्री जितेन्द्र सिंह बना, सतीश शर्मा, तरुण ढाका, अजय शर्मा, अनिल जंगाला, प्रबोध शर्मा, देवकी नंदन शर्मा, नरेन्द्रदत्त शर्मा आदि ने अपने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन महावीर सिंह त्यागी व संचालन संयोजक सचिन चौधरी अधिवक्ता ने किया।

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