- आईसीसी वर्ल्ड कप के मैचों पर टीमों पर लगा दांव खेलने वालों की लंबी फेहरिस्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 50 लाख या फिर ज्यादा को सोना लेकर कारीगरों के यूं अचानक गायब होने के पीछे शहर सराफा बाजार के कारोबारी इसके निहितार्थ निकालने में जुटे हैं। दरअसल, यह कोई पहला मामला नहीं है जब कारोबारियों का सोना लेकर कोई कारीगर गायब हुआ है। शहर सराफा मार्केट की बात करें तो यहां पर मराठा व बंगाली कारीगारों की करीब 30 से 35 हजार तक तादात हैं। दीपावाली के सीजन के दौरान यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है।
सोना लेकर गायब होने के पीछे शहर सराफा बाजार और उसके कारोबारियों तथा कारीगरों की नब्ज जानने वालों की मानें तो इस प्रकार की घटनाओं के पीछे तीन बडेÞ कारण आमतौर पर माने जाते हैं। सबसे बड़ा कारण एमसीएक्स जिसे सोने पर सट्टा भी कुछ लोग पुकारते हैं। दूसरा बड़ा कारण क्रिकेट मैचों पर सट्टा। इन दिनों आईसीसी वर्ल्ड कप चल रहा है। शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जो क्रिकेट मैचों में रुचि न रखता हो।
शहर सराफा बाजार में ऐसे कारोबारियों व कारीगरों की कमी नहीं जो क्रिकेट मैचों में खेल रही टीमों व खिलाड़ियों पर सट्टा लगाते हैं। हालांकि अधिकारिक रूप से इनकी पहचान को कोई तैयार नहीं, लेकिन यह सब मान रहे हैं कि तमाम कारोबारी व कारीगर क्रिकेट मैचों की टीमों पर मोटा सट्टा खेल रहे हैं। पूर्व में कुछ इनमें से पुलिस ने शहर के नामी होटलों में रेड में पकड़े भी हैं।
हालांकि यह साफ नहीं कि जो पुलिस रेड में पूर्व में पकडेÞ गए उनमें शहर के हैं या कैंट इलाके के। क्रिकेट मैचों में खेले जाने वाले सट्टे की जीत हार भी सोने लेकर गायब होने के पीछे बड़ा कारण हो सकती है। इस आशंका को मेरठ बुलियन ट्रेडर्स भी खारिज नहीं कर रही है। क्रिकेट मैचों में खेला जाने वाला सट्टा इसका प्रमुख कारण हो सकता है ऐसा बड़ी संख्या में शहर सराफा के कारोबारियों का मानन है।
उनका इसके पीछे तर्क भी है। उनका कहना है कि जो कारीगर पिछले आठ से दस साल से बाजार में काम कर रहा है। कई-कई करोड़ का सोना उसको आभूषण बनाने के लिए पूर्व में दिया जा चुका है। वो तब भी भाग और अब 50 लाख बताए जा रहे सोने को लेकर यूं गायब हो गया। इसके पीछे कुछ न कुछ तो वजह है। कुछ कारोबारी एक दूसरी वजह भी मानकर चल रहे हैं वो है शाही खर्ची।
कारोबारी हों या फिर कारीगर मार्केट में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो मौज मस्ती करने के लिए दूरदराज के होटलों में जाते हैं। दोस्तों के साथ हिल स्टेशनों पर जाते हैं। जब बात मौज मस्ती करने की आज तो फिर खर्च की परवाह किसे होती है। एक कारण यह भी माना जा रहा है।

