- ज्यादातर मामलों में पुलिस के झंझट से बचने का करते हैं प्रयास
- आपसी समझौते से ही मामलों को है निपटाया जाता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बीते छह सालों में मेरठ के सराफा कारोबारियों से लूट व ठगी की तीन दर्जन घटनाएं हैं। ये वो घटनाएं हैं जिनको लेकर वारदात का शिकार होने वाले कारोबारियों ने पुलिस में लिखा पढ़ी की, लेकिन इसके इतर यदि बात की जाए तो इस प्रकार की घटनाओं की संख्या बहुत ज्यादा बतायी जाती है। दरअसल, होता ये है कि जब भी सराफा के किसी कारोबारी के साथ इस प्रकार की ठगी की घटना होती है तो उसकी कोशिश बजाए पुलिस के झंझट में पड़ने के आपसी समझ बूझ से मामले को निपटाने का प्रयास होता है।
हालांकि ऐसे प्रयासों में हमेशा कारोबारी ही घाटे में रहता है। जब कोई ठगी की वारदात होती है तो बातचीत इस आधार पर होती है कि जो भी माल बचा है वह कारोबारी को वापस कर दिया और जो अपराधी या आरोपी होता है उससे यह तय होता कि थोड़ा-थोड़ा कर कारोबारी का माल वापस कर दे, लेकिन यह भी कटू सत्य है कि आमतौर पर जो माल शुरू में मिल जाता है वही मिलता है उसके बाद तो बस कारोबारी अपने मन को बहलाने के अलावा कुछ नहीं करता।
लूट और ठगी की वो घटनाएं जो दर्ज हुई
सराफा कारोबारियों के साथ लूट व ठगी की घटनाओं की यूं तो अपुष्ट सूत्रों की मानें तो लंबी फेरिस्त है, लेकिन यहां केवल उन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है जो बीते छह सालों में यानि साज 2017 से पुलिस लिखा पढ़ी में आयी हैं। इनमें 25 जनवरी 2017 अक्षय जैन नील की गली के साथ वारदात इसी दिन ब्रजमोहन मोदी कागजी बाजार के साथ कोतवाली क्षेत्र में वारदात, 11 मार्च 2017 मुकेश रस्तौगी देहली गेट क्षेत्र में लूट, 8 मई 2017 सुशील वर्मा लाला का बाजार कोतवाली क्षेत्र में लूट, 23 जुलाई 2017 राजेश मलिक शास्त्रीनगर देहलीगेट क्षेत्र में लूट,
16 अगस्त 2017 कृष्ण अवतार अग्रवाल काशीपुर के साथ देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 17 जुलाई 2019 बांके बिहारी अग्रवाल वेदव्यासपुरी परतापुर 23 लाख से ज्यादा की चोरी, 8 जुलाई 2019 रंजीत बेरा डालमपाडा हरिपर्वत आगरा में पचास लाख से ज्यादा की लूट, 8 सितंबर 2019 अनिल वर्मा सहारनपुर देहलीगेट क्षेत्र में लूट,18 सितंबर 2019 विपिन वर्मा वैली बाजार देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 19 नवंबर 2019 देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 30 नवंबर 2020 तपस प्रमाणिक होली मोहल्ला कोतवाली क्षेत्र में लूट,

21 जून 2021 पवन कुमार माहेश्वरी मैसर्स मूदड़ा ज्वैलर्स सोने की पांच चेन लूट ली गयीं, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, 26 दिसंबर 2022 तेजपाल शास्त्रीनगर नौचंदी क्षेत्र में लूट, 17 अगस्त 2021 सौरभ गर्ग मैसर्स राज ज्वैलर्स शास्त्रीनगर नौचंदी क्षेत्र में लूट, 28 जुलाई 2022 नितिन वर्मा कागजी बाजार 11 लाख का सोना लूटा, 30 जुलाई 2022 गौरव रस्तौगी कागजी बाजार पांच लाख की लूट मामला दर्ज नहीं, 30 जुलाई 2022 मनोज कुमार नील की गली पांच लास से ज्यादा का सोना लूट मामला दर्ज नहीं,
30 जुलाई 2022 नीशू वर्मा कागजी बाजार 7.5 लाख के सोने की लूट मामला दर्ज नहीं, 30 जुलाई 2022 गौरव कपूर नील की गली 15 लाख का सोना लूट मामला दर्ज तक नहीं, 9 अगस्त 2022 प्रशांत जैन सदर बाजार करीब 64 लाख के सोने की लूट, 25 अगस्त 2022 हेमेन्द्र राणा नौचंदी 1.5 लाख की चांदी की लूट, 29 सितंबर 2022 अनिल जैन सदर कैंट सदर बाजार 12.5 लाख के सोने की लूट,
29 सितंबर 2022 चंदन कोइल्या सदर क्षेत्र 12.5 लाख की लूट केस दर्ज नहीं, 17 जनवरी 2023 अनुज जैन सदर बाजार क्षेत्र में लूट, 21 फरवरी 2023 आयुष जैन सदर क्षेत्र 15 लाख की लूट, 28 मार्च 2023 पीयूष गर्ग नौचंदी क्षेत्र में 12 लाख की चोरी, 20 अप्रैल 2023 सुरेश चंद वर्मा जीआरपी क्षेत्र में लूट/चोरी, 19 मई 2023 अर्चित जैन टीपीनगर क्षेत्र में गोल्ड लूट, 7 जून 2023 राजकुमार वर्मा बड़ौत से देहलीगेट इलाके में इरानी गिरोह ने दी लूट की वारदात अंजाम, 23 जून 2023 संजीव वर्मा सदर क्षेत्र में गोल्ड लूट,
25 जुलाई शशांक अग्रवाल लाखों की लूट केस दर्ज नहीं, 25 जुलाई 2023 संजय वर्मा लाखों का सोना लूटा केस दर्ज नहीं, 27 जुलाई 2023 नमन जैन दस लाख कैश लूट केस दर्ज नहीं, 3 अगस्त 2023 जहांगीर मलिक सिहानीगेट में करीब 37 लाख की लूट और आज 11 नवंबर को कूचा नील के आशीष व अशोक नाम के कारोबारी से देहलीगेट क्षेत्र में 50 लाख के सोने की अमानत में ख्यानत।
कई घटनाओं का खुलासा
उक्त में कई घटनाएं ऐसी भी हैं जिनका पुलिस ने खुलासा कर दिए जाने का दावा किया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त में से कितनी वारदातों का खुलासा हुआ और उसमें कितना फीसदी माल बरामद किया गया। एक बार माल बरामद कर लिए जाने के बाद क्या बाकि का माल भी बरामद किया गया या नहीं।
कई घटनाएं दर्ज नहीं
उपरोक्त में से करीब दर्जन भर घटनाएं ऐसी भी हैं जो दर्ज ही नहीं की गयी हैं। ऐसा क्यों हुआ तब क्या हालात थे। पुलिस ने दर्ज नहीं की या फिर कारोबारी जो लूट का शिकार हुए उन्होंने ही दर्ज नहीं करायी, लेकिन घटनाएं दर्ज नहीं की गयी इस बात का पुख्ता सबूत है।

