जनवाणी ब्यूरो |
हरिद्वार: मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय हडताल के तहत भेल यूनियनों ने फाउंड्री गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वाली यूनियनों में इंटक (हीप और सीएफएफपी), एटक (हीप और सीएफएफपी), एचएमएस (हीप और सीएफएफपी), सीटू, बीएमटीयू, बीकेयूएम, बीकेकेएमएस शामिल रहीं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि भेल प्रबंधन श्रमिकों के वेतन में से 50 फीसदी पर्क्स कटौती को शीघ्र बंद कर एरियर सहित 100 फीसदी पर्क्स का भुगतान करे। 2019-20 के बोनस-एसआईपी एवं पीपीपी का भुगतान जल्द करने की मांग के साथ कैंटीन एवं ट्रांसपोर्ट सब्सिडी को खत्म करने के प्रस्ताव को निरस्त करने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा केंद्रीयकृत इंसेटिव स्कीम को शीघ्र लागू करने, लैपटॉप प्रतिपूर्ति को बहाल करने और समस्त पे-अनामली को शीघ्र दूर करने की मांग की गई।
यूनियन नेताओं ने केंद्र सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने, समय से पूर्व सेवानिवृत्ति के आदेश को वापस लिये जाने समेत अन्य मांगों को दोहराया। प्रदर्शन में शामिल दस यूनियन पदाधिकारियों में राजबीर सिंह, प्रेमचंद सिमरा, संदीप चौधरी, एके दास, अवधेश कुमार, केएस गुसाई, रितेश सिंहल, केपी सिंह, आईडी पंत, मनमोहन कुमार, राधेश्याम सिंह, सुरेंद्र कुमार, नीशू कुमार, रविप्रताप राय, सचिन चौहान, अश्वनी चौहान, नईम खान, इमतियाज, सुनिल कुमार, अजित सिंह, दीपक कुमार, सुनिल कुमार, पवन कुमार आदि शामिल रहे।

