Thursday, March 26, 2026
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बड़ी उपलब्धि: यूपी में अब तक 55,14,921 घरौनियों का हुआ वितरण

  • पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर यूपी की 20,98,926 घरौनियों का किया डिजिटली वितरण

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

  • कहा- ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को साकार करती है स्वामित्व योजना

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: प्रदेश के नाम सोमवार को एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के 20,98,926 घरौनियों का डिजिटली वितरण किया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में अबतक 55,14,921 घरौनियों के वितरण का कार्य पूरा हो चुका है। इन घरौनियों का वितरण प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 37,833 ग्रामों के लिए वितरित की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए इस बात की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया है।

ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को साकार करने वाला कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को साकार करने वाला कदम बताया है।

उन्होंने बताया कि ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश की 20,98,926 नई घरौनियों सहित देश भर की लगभग 34 लाख नई घरौनियों का डिजिटल वितरण हुआ। इसके लिए प्रदेश वासियों की ओर से प्रधानमंत्री का हृदय से आभार। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से पीएम स्वामित्व योजना के अंतर्गत यूपी के राजस्व विभाग की ओर से अबतक 37,833 गांवों की कुल 55,14,921 घरौनियां वितरित की जा चुकी हैं।

क्या है पीएम स्वामित्व योजना

पीएम स्वामित्व योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। इस योजना का उद्देश्य नागरिकों को उनकी जमीन पर उनके मालिकाना हक को पुख्ता करना है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत ई-ग्राम स्वराज पोर्टल को ग्रामीण स्वामित्व योजना से भी जोड़ा गया है। इसमें सभी उम्मीदवार अपनी भूमि का विवरण ऑनलाइन देख सकते हैं। साथ ही इस पोर्टल पर भूमि से संबंधित सारी जानकारी भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।

योजना के तहत उम्मीदवारों को उनकी संपत्ति पर पूरा मालिकाना हक मिलेगा। इसके तहत प्रधानमंत्री स्वामित्व कार्ड भी प्रदान किये जाते हैं। इससे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े में कमी लाते हुए जिसकी भूमि होगी उसपर उसी का मालिकाना हक साबित हो सकेगा। ऐसे में यदि किसी की भूमि पर कोई जबरन मालिकाना हक जताता है, तो उसका विवरण पहले से ही सरकार के पास मौजूद होगा।

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