जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की गोपामऊ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला धार्मिक संतों के बीच हुई टिप्पणी को लेकर है, जिसमें विधायक ने सोशल मीडिया पर एक संवेदनशील मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए खुद को मुश्किल में डाल लिया।
दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज को लेकर की गई टिप्पणी पर विधायक श्याम प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रामभद्राचार्य के संस्कृत ज्ञान और धार्मिक विचारों को लेकर आपत्तिजनक बातें सोशल मीडिया पर लिखीं, जिसके बाद धार्मिक संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी।
संतों के बीच बयानबाज़ी में राजनीति की एंट्री?
श्याम प्रकाश की टिप्पणी ने संत समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे को राजनीति से जोड़ दिया। कई लोगों ने इसे संतों के आपसी मतभेद में राजनीतिक हस्तक्षेप करार दिया, तो वहीं विधायक के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने केवल प्रेमानंद महाराज के पक्ष में अपनी राय रखी।
ट्रोलिंग के बाद सफाई, बोले – “कोई दुर्भावना नहीं”
विवाद बढ़ता देख विधायक श्याम प्रकाश ने सफाई देते हुए अपने बयान से किनारा कर लिया। उन्होंने कहा, “मेरी रामभद्राचार्य जी के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है। मैं उनका सम्मान करता हूं। मैंने जो कुछ भी कहा, वह प्रेमानंद महाराज के प्रति समर्थन की भावना से कहा।”
पहले भी विवादों में रहे हैं श्याम प्रकाश
गौरतलब है कि श्याम प्रकाश इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। पार्टी लाइन से हटकर बोलना, सरकारी नीतियों की आलोचना करना और सामाजिक मुद्दों पर विवादित टिप्पणियां देना उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।

