जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश किया है। इस बीच सरकार ने देश के विभिन्न सेक्टरों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कृषि क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा लिए गए हर एक निर्णय का देश में व्यापक असर पड़ता है। बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़े एलान किए हैं।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा एलान किया है कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का पैसा सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे पहले एमएसपी का पैसा किसानों तक मंडियों और आढ़तियों के जरिए पहुंचता था। सरकार के इस फैसले से भ्रष्टाचार रोकने में मदद मिलेगी। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि सरकार ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने का काम करेगी। सरकार के इस फैसले से जैविक खेती करने वाले किसानों को काफी लाभ मिलेगा। बजट 2022 में इस बात का एलान किया गया है कि अब किसानों के खेतों की जमीन का डिजिटलीकरण भी होगा।
इसके अलावा सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर उन किसानों की मदद करेगी, जो फलों और सब्जियों की उन्नत किस्म की खेती करते हैं। इसके अलावा किसानों को डिजिटल सर्विस के अंतर्गत खाद, बीज, दवाई, दस्तावेज आदि से संबंधित सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।
केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए 1400 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य 62 लाख लोगों के लिए पेयजल मुहैया कराना, 9.1 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि की सिंचाई और 103 मेगावाट विद्युत का उत्पादन करना है। इस परियोजना से न केवल किसानों बल्कि कई लोगों को पीने के लिए साफ पानी मिलेगा। इसकी मदद से झांसी, महोबा, ललितपुर एवं बांदा के करीब 20 लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
आम बजट 2022-23 से सरकार का उद्देश्य किसानों को डिजिटलीकरण से जोड़ना है। केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से कई किसानों और आम नागरिकों को फायदा पहुंचगा। किसानोंं के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बजट में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं।

