- सरवर हसन ने शत्रु संपत्ति को बेचकर कर दिए थे बैनामे
- मंगलवार को भी कब्जा मुक्त कराई थी सरकारी भूमि
- तीन अवैध निर्माणों और एक अवैध कालोनी पर चला बुलडोजर
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे दिन भी कैराना में शत्रु संपत्तियों पर खड़े किए गए अवैध निर्माणों एवं एक अवैध रूप से कृषि भूमि पर काटी गई कालोनी पर बुलडोजर चलाया। चारों अवैध निर्माणों से प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।

यूपी में योगी टू सरकार बनने के बाद कैराना में पुलिस प्रशासन दबंग भूमाफियाओं की अवैध संपत्तियों व अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चल रहा है। एक दिन पहले भूरा रोड स्थित कृषि मंडी उत्पादन समिति के सामने समाजवादी के विधायक चौधरी नाहिद हसन के चाचा सरवर हसन के कब्जे से करीब 10 बीघा सरकारी भूमि को प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया था। इसके साथ ही बुधवार को भी सरवर हसन द्वारा रामडा रोड पर मौजूद शत्रु संपत्ति पर बेचे गए प्लाटों पर खडेÞ तीन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलवाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। यहां पर सबसे पहले प्रशासन ने एक प्लाट की छानबीन की तो प्लाट सोदी नाम की एक महिला व उसके पुत्रों के नाम सरवर हसन द्वारा बैनामा किए हुए मिलें।

बताया गया कि सरवर हसन ने शत्रु संपत्ति की जमीन पर महिला व उसके पुत्रों के नाम करीब 8 साल पहले 200 गज के प्लट का बैनामा किया था। इसके बराबर में ही मोहल्ला खैलकलां निवासी नौशाद के नाम 300 गज के एक प्लाट का बैनामा मिला। बैनामा साइना पत्नी फरीद के नाम से किया गया है। बताया गया हैं कि साइना ने प्लट सरवर हसन से खरीद कर नौशाद को बेचा था।
वहीं तीसरे नंबर पर करीब 10 दिन पहले प्रशासन द्वारा रुकवाया गए अवैध निर्माण के प्लाट का भी बैनामा इकबाल के नाम मिला। इकबाल ने बताया कि उसने मेहनत मजदूरी कर प्लाट खरीदा था। उन्हें नहीं पता था कि यह शत्रु संपत्ति है। तीनों पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजा देने तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कराने की मांग की हैं।
इसके अलावा प्रशासन पुराने बाईपास पर मौजूद विधायक नाहिद हसन के पुराने राइस सैलर के पास बुलडोजर लेकर पहुंचा। यहां पर विधायक नाहिद हसन के ही दूसरे चाचा अरशद हसन व एक अन्य रिश्तेदार अरशद अली के नाम कृषि भूमि मिली। जहां पर बिना परमिशन के अवैध रूप से कालोनी काटी गई थी। प्रशासन द्वारा कालोनी की डीमारकेशन को ध्वस्त कर दिया। नायब तहसीलदार गौरव कुमार ने बताया कि रामडा रोड पर पूर्व में हल्का लेखपाल द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया था।
यहां पर करीब 15-16 बीघा शत्रु संपत्ति राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने घर बना लिए हैं, उनको नोटिस भेजे जाएंगे। अर्धनिर्मित मकान व प्लाटों से अवैध अतिक्रमण हटवाया गया हैं। उन्होंने कहा कि 1993 के करीब आनन-फानन कुछ भूमाफियाओं ने बैनामे लोगों के नाम कर दिए थे। 2009 में खतौनी पर आदेश आ गए थे कि यह शत्रु संपत्ति हैं।
जिन भूमाफियाओं ने लोगों को प्लाट बेचे हैं, उनकी की जांच कर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा अवैध रूप से काटी गई एक कालोनी पर भी बुलडोजर चलाया गया है।
इस दौरान एसडीम संदीप कुमार, सीओ बिजेंद्र सिंह भड़ाना, कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान, अधिशासी अधिकारी मणि अरोरा के अलावा राजस्व विभाग की टीम के साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स व पुलिस के जवान मौजूद रहें।

