जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वैश्विक तनाव के असर से सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। चांदी का भाव 2,410 रुपये घटकर 2.67 लाख रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि सोने की कीमत 530 रुपये कम होकर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
वैश्विक बाजार में स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों की कीमतें नीचे आई हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.2% गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस हो गई। अप्रैल डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.2% गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे। चांदी की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर होकर 85.82 डॉलर प्रति औंस रहा।
मजबूत डॉलर का असर भी दिखा। डॉलर में 0.2% की मजबूती के कारण सोना और चांदी जैसी डॉलर-आधारित कमोडिटी अन्य मुद्राओं में महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग घटती है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई
दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका में फरवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 0.3% बढ़ा, जो जनवरी के 0.2% से अधिक है और अनुमान के अनुरूप है। सालाना आधार पर महंगाई दर फरवरी में 2.4% रही।
महंगाई के नए आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर घटाने की उम्मीदों को कमजोर किया है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर सोने की कीमत पर पड़ा और कारोबार की शुरुआत में सोने की कीमत लगभग 1% गिर गई। एक दिन पहले भी सोना लगभग 0.3% नीचे आया था।
विशेषज्ञों की राय
रिपोर्ट के अनुसार, मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन का कहना है कि सोने में यह गिरावट बाजार की कमजोरी नहीं, बल्कि अस्थायी ठहराव का संकेत है। उनके अनुसार, महंगाई की बढ़ती आशंका ने डॉलर को मजबूत किया और फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर कटौती की उम्मीदें फिलहाल टल गई हैं। इसी कारण निवेशकों ने कुछ समय के लिए सोने से दूरी बनाई, क्योंकि बाजार में आम तौर पर निवेशक एक समय में केवल एक सुरक्षित विकल्प को प्राथमिकता देते हैं।

