- जिला अस्पताल में 66 हजार से बढ़कर हुर्इं 1.29 लाख पैथोलॉजी जांच
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: तापमान बढ़ने के साथ-साथ मरीजों का इलाज करने में जिला अस्पताल के चिकित्सकों को अधिकांश मरीजों की पैथोलॉजिकल जांचों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में इस अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में रात दिन काम चल रहा है। चंद माह में इस लैब में जांचें करने का आंकड़ा लगभग दो गुना पहुंच गया है। पिछले महीने के मुकाबले इस माह करीब 30 हजार जांचों की वृद्धि हुई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 1500 मरीजों से लेकर 2400 मरीज तक उपचार कराने आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में रोजाना 20 से लेकर 80 मरीज आते हैं। इनमें गंभीर मरीज या बीमारी का संदेह होने वाले मरीजों की पैथोलॉजीकल जांच की जाती है। आजकल भीषण गर्मी हो रही है। ऐसे में जहां जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में जबरदस्त इजाफा हो रहा है, वहीं उनकी पैथोलॉजीकल जांच करने वालों की भी जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। जांच कराने के लिए मरीजों को खासा इंतजार करना पड़ता है।
मरीजों को पहले चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है फिर उन्हें पैथोलॉजी वार्ड के आगे लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद उन्हें दवाइयां लेने के लिए भी लाइन में लगना पड़ता है। पैथोलॉजी लैब के आगे लगने वाली लाइन आजकल कम होने का नाम नहीं ले रही। अस्पताल के चिकित्सक रोजाना हजारों मरीजों की पैथोलॉजीकल जांचें लिख रहे हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी और फरवरी हैल्दी सीजन कहलाता है। इस सीजन में जनवरी माह में जहां लगभग 66 हजार पैथोलॉजीकल जांचें की गई,
तो वोह बढ़कर मई में एक लाख तीस हजार पर पहुंच गर्इं। अप्रैल में जहां 98 हजार जांचें की गर्इं वो अब मई में बढ़कर एक लाख तीस हजार पर पहुंच गर्इं। यानी जनवरी के मुकाबले जांचें बढ़कर दो गुना हो गर्इं और अप्रैल से तुलना की जाए तो एक माह में जांचों में तीस हजार जांचों की वृद्धि हुई है।
पैथोलॉजी में रात दिन कार्य चल रहा है: डा. विक्रम
जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के प्रभारी डा. विक्रम सिंह का कहना है कि गर्मी में जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं, मरीजों की पैथोलॉजीकल जांच का कार्य भी बढ़ गया है। पिछले माह के मुकाबले मई में करीब 30 हजार अधिक पैथोलॉजीकल जांच की गर्इं। पैथोलॉजी में रात दिन कार्य चल रहा है।

