- पेमेंट के बाद भी मशीन नहीं भेजी गुजराती डीलर भाइयों ने
- एसएसपी के आदेश पर थाना कोतवाली में चार के खिलाफ एफआईआर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खंदक बाजार के कपड़ा कारोबारी से करीब पौने दो लाख की ठगी कर ली गयी। इस मामले में दो गुजराती डीलरों जो सगे भाई हैं समेत चार के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। खंदक के कपड़ा कारोबारी राजीव बंसल ने बताया कि साल 2021 चंद्रभान यादव व अमित यादव जो पानीपत के एजेंट हैं, उनके खंदक स्थित प्रतिष्ठान पर गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले प्रकाश बाबू लाल हरमुख सुरा व दीपेश बाबू लाल सुरा को लेकर आए। इनके साथ एक प्रिंटिंग मशीन का सौदा किया गया। इसकी कीमत करीब 89 लाख जीएसटी सहित थी।
साल 2022 में एक और मशीन का सौदा इनके साथ किया गया। जिसकी कीमती 60 लाख थी। तय किया गया कि पूरी पेमेंट के बाद एक माह के भीतर मशीन भिजवा दी जाएगी। राजीव बंसल ने बताया कि उन्होंने सिड़बी बैंक से 1.27 करोड़ का लोन कराया। यह रकम गुजरात के सुरा भाइयों के खाते में ट्रांसफर कर दी गयी और 50 लाख उन्हें कैश दे दिए। इस तरह से करीब पौने दो करोड़ की रकम सुरा भाइयों के खाते में पहुंचा दिए गए।
पूरी पेमेंट पहुंचने के बाद मशीन का इंतजार किया जाने लगा। साल 2023 में पूरी पेमेंट पहुंच जाने के बाद मई या जून में मशीन की डिलीवरी का वादा था। वादे के बाद भी जब मशीन की डिलीवरी नहीं पहुंची तो तकादा किया गया। तकादे के बाद लगातार टाल मटोल की जाती रही। साल 2024 में चंद्रभान, अमित यादव प्रकाश बाबू लाल हरसुरा व दीपेश बाबू लाल हरसुरा ने मशीन देने में हाथ खडेÞ कर दिए।
उसके बाद कोतवाली पुलिस से शिकायत की गयी। कोतवाली पुलिस टरकाती रही। बाद में एसएसपी से मिले, जिनके आदेश पर आज कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चंद्रभान, अमित यादव प्रकाश बाबू लाल हरसुरा व दीपेश बाबू लाल हरसुरा एफआईआर दर्ज कर ली है।
शहर सराफा में दिल्ली पुलिस का छापा
दिल्ली के मोहन गार्डन थाना पुलिस ने आज शहर सराफा इलाके में दबिश देकर चोरी का सोना लगाने वाले एक कारीगर को उठाया और साथ ले गए। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली की पीआरवी लूट व चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके एक बदमाश को लेकर पहुंची थी। यहां पहुंचकर थाना देहलीगेट में आमद दर्ज करायी। उसके बाद बताया कि शहर सराफा इलाके में कोई कारीगर चोरी व लूट का सोना गला रहा है। दिल्ली पुलिस की टीम ने बताया कि जिस बदमाश को दिल्ली से पकड़ा है उसने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद जो सोना मिला था,
उसको उसने मेरठ के शहर सराफा इलाके में किसी हरमीत नाम के कारीगर को बेच दिया था जो सोना लगाने का काम करता है। देहलीगेट पुलिस ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि हरमीत नाम का शख्स लाला का बाजार में एक मकान में सोना लगाने का काम करता है। हरमीत के ठिकाने पर पुलिस पहुंची जिस बदमाश को साथ लेकर आए थे उससे शिनाख्त करायी। उसके बाद लिखा पढ़ी कर दिल्ली की पीआरवी पुलिस हरमीन को हिरासत में लेकर साथ ले गयी।

