जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज शाम बुधवार को हरियाणा में विधानसभा चुनाव के बीच सीएम नायब सिंह सैनी ने मंत्रिमंडल की बैठक बुलवाई है। संभावना जताई जा रही है कि बैठक में विधानसभा को भंग करने का फैसला लिया जाएगा। साथ ही राज्यपाल से इसकी सिफारिश की जाएगी। उधर, सीएम नायब सैनी भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
क्या हैं नियम?
नियमों के तहत संवैधानिक संकट को टालने के लिए गुरुवार तक सदन की बैठक बुलाना या फिर विधानसभा भंग करना जरूरी है। विधानसभा भंग होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नायब सैनी कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे।
इस दिन बुलाया गया था अंतिम सत्र
बता दें कि हरियाणा विधानसभा का अंतिम सत्र 13 मार्च को बुलाया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री सैनी ने विश्वास मत हासिल किया था। नियमों के तहत हर छह महीने में एक बार विधानसभा सत्र बुलाना अनिवार्य है। संविधान के अनुच्छेद 174 (1) में स्पष्ट उल्लेख है कि विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतराल नहीं होना चाहिए।
इसलिए सरकार के लिए 12 सितंबर तक सदन की बैठक बुलाना जरूरी है। संवैधानिक संकट टालने के लिए अब विधानसभा भंग करने के लिए राज्यपाल को लिखना होगा।

