Tuesday, June 25, 2024
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कैंट बोर्ड की बैठक आज, हंगामे के आसार

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  • टोल और किराए में वृद्धि के विरोध में कैंट विधायक रहेंगे मौजूद
  • कोरोना के नाम पर एक करोड़ का खर्चा व डोर-टू-डोर समेत कई मुद्दों पर टकराव के आसार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आज होने जा रही कैंट बोर्ड की बैठक में हंगामे के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने एंट्री फीस के नाम पर टोल वसूली के नए नॉकों व दुकानों के किराया वृद्धि को लेकर कैंट बोर्ड प्रशासन के खिलाफ आस्तीन चढ़ा ली हैं।

हालांकि बैठक में इन दोनों मुददों पर भाजपाइयों के वर्चस्व वाले बोर्ड के वर्चस्व वाले बोर्ड का कैंट विधायक को कितना साथ मिलता है ये कहना जल्दबाजी होगी। दरअसल टोल ठेके को लेकर भाजपा के कुछ बोर्ड सदस्यों की टोल ठेकेदार से हमदर्दी जगजाहिर है।

ऐसे सदस्यों पर आरोप है कि उनकी इसी हमदर्दी के चलते कैंट बोर्ड के खजाने को 4.23 लाख प्रति दिन के ठेके में मुश्किल से ढाई लाख प्रतिदिन ही मिल पा रहे हैं।

पूरे ठेके में ऐसे ही ठेकेदार से हमदर्दी रखने वाले भाजपाई सदस्यों की वजह से टोल के मुददे पर आमजन के बीच भाजपा की किरकिरी तो हो ही रही है साथ ही कैंट विधायक को भी ऐसे सदस्यों की निष्ठा पर हमेशा ही सवाल खडे किए जा रहे हैं। कैंट विधायक ही नहीं सांसद व संगठन ने जनाक्रोश को समझते हुए हमेशा ही टोल ठेके में नए नॉके जोड़ने का विरोध किया, लेकिन कुछ भाजपाई सदस्यों की ठेकेदार से हमदर्दी ने इस मुद्दे पर संगठन की फजीहत करा दी।

हालांकि जहां तक कैंट विधायक का सवाल है तो वह इस मुद्दे पर आज भी डटे हुए हैं। पिछले ही सप्ताह सत्यप्रकाश अग्रवाल ने इस मुद्दे पर लखनऊ में जीओसी इन चीफ से भी मुलाकात की थी। आज होने जा रही बैठक में भी वो शामिल रहेंगे।

कोरोना के नाम पर एक करोड़ का खर्चा

कोरोना संक्रमण के नाम पर कैंट बोर्ड प्रशासन द्वारा एक करोड़ के खर्च और इस खर्च पर उठाए गए सवाल तथा रक्षा मंत्रालय को की गयीं शिकायतें भी बोर्ड बैठक में हंगामे का एक बड़ा कारण बनने की आशंका जतायी जा रही है।

हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यदि बार्ड छह की सदस्य मंजू गोयल किन्हीं कारणों से बोर्ड में शामिल होने से असमर्थ रहती हैं तो संभवत इस मुद्दे पर कोई चर्चा ही नहीं की जाए।

ये मुद्दे बोर्ड बैठक का एजेंडा का हिस्सा नहीं है, लेकिन जो कुछ भी सुनने में आ रहा है कहा जा रहा है कि उसके पीछे एक करोड़ खर्च का हिसाब मांगे जाने का ही दर्द छिपा है।

फसाद के अन्य मुद्दे

जिन मुद्दों को लेकर बोर्ड बैठक में फसाद की आशंका जतायी जा रही है। उनमें टोल व कोरोना काल में खर्च किए गए एक करोड़ के अलावा बड़ा मामला डोर-टू-डोर ठेके का भी शामिल है। सबसे बड़ा फसादी मुद्दा धारा 34 के मंजू गोयल के खिलाफ नोटिस का मामला माना जा रहा है।

80 लाख की रिश्वत पर मांगा साक्ष्य

टोल ठेके में 80 लाख की रिश्वत मामले की सीबीआई जांच की मांग के साथ शिकायत करने वाले भाजपा नेता पुनीत से जीओसी इन चीफ ने साक्ष्य मांगे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तीन बार जीओसी के यहां से उनके पास सूचना आ चुकी है। वह यह सूचना देना भी चाहते थे, लेकिन कैंट बोर्ड के एक बडेÞ भाजपाई ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया।

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