- जमीनी विवाद में मांग थे 25 हजार रुपये, मुकदमा दर्ज
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: मंगलवार को किसान से जमीन के विवाद में चल रहे एसडीएम कोर्ट में मुकदमे में अंतिम निर्णय कराने के नाम पर 25 हजार रुपये की डिमांड कर दी। पीड़ित किसान ने रुपये न होने के बाद पेशकार ने अग्रिम आदेश के लिए तारीख दे दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग में कर दी।
मंगलवार को एंटी करप्शन टीम को लेकर तहसील पहुंचे किसान ने रिश्वत के रुपये के साथ एसडीएम पेशकार को रंगेहाथ दबोच लिया और थाने लाकर पूछताछ की और जेब में रखे रिश्वत के 25 हजार रुपये बरामद कर लिए। एंटी करप्शन की छापेमारी से तहसील में हड़कंप मच गया। रिश्वत के आरोप में पकडे गये पेशकार के खिलाफ टीम प्रभारी ने संबंधित धाराओं में थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसडीएम कमलेश कुमार गोयल के पेशकार मेडिकल थाना क्षेत्र की तक्षशिला कालोनी निवासी सुल्हड़ सिंह पुत्र श्याम सिंह पिछले डेढ़ साल से मवाना तहसील में कार्यरत है। थाना फलावदा क्षेत्र के गांव नगौरी निवासी सतेंद्र सिंह पुत्र हरि सिंह का परिवार के गुलबीर सिंह से तहसील कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।
पीड़ित किसान सतेंद्र सिंह ने बताया कि 19 अक्टूबर को पेशकार सुल्हड़ सिंह द्वारा मुकदमे में बहस की तारीख दी गई, लेकिन 23 अक्टूबर को पेशकार ने अग्रिम आदेश कराने के लिए 25 हजार रुपये की डिमांड कर दी। मंगलवार सुबह तहसील पहुंचे पीड़ित किसान सतेंद्र ने एसडीएम कोर्ट में तैनात पेशकार सुल्हड़ सिंह को मामले का निस्तारण करने के लिए दी गई 25 हजार रुपये एंटी करप्शन विभाग से लेकर सौंप दिये। इसी बीच टीम में शामिल प्रभारी अशोक कुमार ने सात सदस्यों टीम के साथ दबोच लिया और थाने लाकर गहनता से पूछताछ की।
तहसील में हो रहा रिश्वतखोरी का धंधा
मवाना तहसील में रजिस्टार विभाग में जमीन के दाखिल खारिज कराने से लेकर भूलेख विभाग में आय प्रमाण पत्र, खतौनी, कोर्ट में लंबित मुकदमों को वादी प्रतिवादी व फरियादियों से रिश्वतखोरी का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इतना ही नहीं रजिस्टार विभाग से एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट में काफी समय से मठाधीश बने बैठे बाबू अधिकारियों के नाम पर खुलेआम रिश्वत ले रहे हैं।

